परतावल। जनपद में रबी की फसलों की बोआई सामान्यतः दिसंबर माह तक पूरी हो जाती है। इसके बावजूद जनवरी में खेतों में समतलीकरण व मेड़बंदी कार्य के नाम पर लाखों के भुगतान का मामला सामने आया है।
अभिलेखों के अनुसार, जनवरी माह तक कई खेतों को खाली दिखाकर व्यक्तिगत खेतों के समतलीकरण व मेड़बंदी कार्य के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
सबसे ज्यादा भुगतान ग्राम पंचायत पकड़ी दीक्षित में हुआ है। समतलीकरण और मेड़बंदी कार्य के नाम पर यहां 11 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। समाजसेवी उमेश कुमार ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत पकड़ी दीक्षित में रिजवानुल्लाह के खेत के समतलीकरण व मेड़बंदी कार्य के नाम पर 1,80,180 रुपये का भुगतान किया गया। कागजों में 31 दिसंबर 2025 से 13 जनवरी 2026 तक मजदूरों का कार्य दर्शाया गया है। इसी प्रकार रामवृक्ष के खेत में 1,64,808 रुपये का भुगतान दिखाया गया। इसमें 26 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक कार्य दर्शाया गया है जबकि इन दोनों खेतों में रबी की फसल मौजूद है।
इसी क्रम में सिद्दीक के खेत के नाम पर 1,59,516 रुपये (मस्टररोल अवधि 24 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026), अली हुसैन के खेत के नाम पर 1,74,636 रुपये, घनश्याम पटेल के खेत के नाम पर 1,20,960 रुपये, अंगद पटेल के खेत के नाम पर 1,70,100 रुपये और सुन्नतुन के खेत के नाम पर 1,76,148 रुपये का भुगतान किया गया है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 11,46,348 रुपये का भुगतान समतलीकरण व मेड़बंदी कार्य के नाम पर किया जा चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एपीओ दिलीप कुमार गौतम ने इन कार्यों का सत्यापन भी नहीं किया है और एमबी (मेजरमेंट बुक) कर भुगतान कर दिया गया है।