खुटहां बाजार। बैंक व एटीएम से खुद की रकम निकालने से परेशान रहे लोगों ने गुरुवार की शाम छह बजे अपना आपा खो दिया। मुड़िला बाजार की एसबीआई शाखा में खास लोगों को अंदर जाने देने का लाइन में लगे लोगों ने विरोध किया। पुलिस के लोग लोगों को भगाने लगे। इससे नाराज भीड़ ने बैंक पर पथराव शुरू कर दिया। जिसमें बैंक का बोर्ड टूट गया तो कर्मचारी सहम गए। सुरक्षा कर्मचारी बैंक के भीतर छिप गए। सूचना पर एसओ पनियरा पहुंचे और उग्र लोगों को समझा कर किसी तरह शांत किया। ग्राहकों का कहना है कि इस शाखा के कर्मचारियों की कार्य शैली अच्छी न होने से जनता में काफी गुस्सा है।
परतावल प्रतिनिधि के अनुसार, बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बाजार होने के कारण एसबीआई परतावल पर सुबह से महिलाओं और पुरुषों की लाइन लग गई थी। महिलाओं को जब पता चला कि बैक में कैश खत्म हो गया है तो वे उग्र हो गईं और बैक के खिलाफ नारेबाजी करते परतावल कप्तानगंज मार्ग जाम कर दिया। के सड़क को जाम कर दिया जिससे आवागमन रुक गया। थोड़ी देर बाद बच्चे इंस्पेक्टर श्यामदेउरवा अनुज कुमार सिंह के काफी समझाने बुझाने के बाद महिलाएं लगभग एक घंटे बाद जाकर मानीं और आवागमन चालू हुआ। आशा देवी , विधावती कुसमावती का कहना है की आज साप्ताहिक बाजार है बैक से पैसा नहीं निकलने के कारण हमारा बाजार कैसे होगा हम लोगों को तो अब बिना बाजार किये खाली हाथ ही घर लौटना पड़ेगा।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, एसबीआई सिंदुरिया के ग्राहक सेवा केंद्र मिठौरा में लगातार सात दिन से रकम नहीं मिलने से बृहस्पतिवार को हंगामा शुरू कर दिया। ग्राहक सेवा केंद्र के मालिक का कहना है कि जब हेड ब्रांच सिंदुरिया में पैसे नहीं आ रहे हैं तो वह भुगतान कैसे करें। किसी तरह मिठौरा चौकी पुलिस के समझाने पर लोग शांत हुए।
बरगदवां प्रतिनिधि के अनुसार, पूर्वांचल बैंक परसामलिक पर रकम न मिलने से नाराज लोगों ने गुरुवार की शाम जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि पासबुक व विड्राल फार्म जमा कर लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें शाम तक पैसा नहीं दिया गया। बैंककर्मी नो कैश का बोर्ड लगाकर उन्हें घर वापस लौटाने लगे। इससे नाराज होकर ग्राहक हंगामा करने लगे।
क्षेत्र के कई गांवों की महिलाएं व पुरुष पैसे के लिए पूर्वांचल बैंक की शाखा पर पहुंच गए।
घंटे भर बाद ही बैंककर्मी मात्र कुछ ही लोगों को भुगतान कर नो कैश का बोड लटका दिया। लोगों का विड्राल फार्म और पासबुक पास जमा करा लिया। राजेश, शहजाद, शकुंतला, जैबुननिशा आदि का कहना है कि आठ दिनों से लगातार बैंक पर आना-जाना लगा है, लेकिन पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। कुकेसर की कमलावती देवी तो रोने लगीं। कहा कि पैसे के अभाव में बीमार सास का इलाज नहीं हो पा रहा है। मर्यादपुर के मोबीन व दोगहरा निवासी इस्लाम ने बताया कि सप्ताह बाद बेटी की शादी है। लेकिन पैसा न मिलने से तैयार नहीं हो पा रही है। शाखा प्रबंधक का कहना है कि जब तक कैश था, बांटा गया।