महराजगंज। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर एक बार फिर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान लखनऊ में विधान सभा भवन का घेराव करते समय पुलिस की ओर से लाठी चर्चा का मुद्दा छाया रहा।
जिलाध्यक्ष रूदल प्रसाद ने कहा कि बीत मंगलवार को लखनऊ में विधान सभा भवन के घेराव कर रहे लेखपालों पर प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस ने जिस तरह बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाईं, वह लोकतंत्र के लिए घातक है। कहा कि इस दौरान सैकड़ों लेखपाल घायल हो गए। इसका जवाब प्रदेश सरकार को आगामी विधान सभा चुनाव में दिया जाएगा। कहा कि 6 सितंबर तक लेखपाल संघ कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालय पर धरना देंगे।
संरक्षक किशोर प्रसाद ने कहा कि सरकार अपने सत्ता के मद में लेखपालों की मांग नहीं मान रही है। वहीं दूसरी तरफ लखनऊ में लेखपालों पर लाठी चर्चा करना घोर अमानवीय है। उपाध्यक्ष कृष्ण मोहन यादव ने कहा कि अगर सरकार लेखपालों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेगी तो कार्य बहिष्कार कर आंदोलन जारी रहेगा। बिना मांगों के पूरा हुए हड़ताल वापस नहीं होगी।
इस दौरान अनवारूल्लाह खां, रामप्रसाद पांडे, गजेंद्र भारती, अशोक मिश्रा, जनार्दन, जैनुद्दीन, इंद्र, कैलाश, रामबचन प्रजपति, हेमंत चौबे, श्रीराम गुप्ता, रामजतन यादव, दीपक मणि पांडे, हरिहर यादव, शरर्फराज खां आदि रहे।