सिसवा बाजार। रजवल मदरहां में रविवार को सुबह आठ बजे कूड़े की चिंगारी से दो पक्के मकान सहित छह झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। सूचना के एक घंटे बाद पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग को बुझाया तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
रविवार को सुबह आठ बजे उमराव के झोपड़ी से थोड़ी दूर पर स्थित कूड़े की ढेर से निकली आग की एक छोटी सी चिंगारी ने उमराव की झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और झोपड़ी जलने लगी।
अभी कोई कुछ समझ पाता तब तक तेज पुरुवा हवा के चलते बगल के देवशरण, ननकू, नरेश, अरविंद और शंभू के मकान धूं-धूं कर जलने लगे। मौके पर पहुंचे गांव के लोगों ने पंपिंगसेट से आग बुझाने की कोशिश करने लगे।
गांव की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपने-अपने सामानों और पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों की तरफ निकल भागने लगे। गांव में अफरा-तफरी का माहौल था। लोगों के चेहरों पर आग का भयानक खौफ साफ दिखाई पड़ रहा था।
महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार पूरे गांव में फैली हुई थी। घर के जल जाने से लोगों को अपने ठिकाने का डर सताने लगा है। लोग समझ नहीं पा रहे की उनका गुजारा अब कैसे होगा। सूचना के लगभग एक घंटे बाद पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया।
लेकिन तब तक इस आग से उमराव का पंपिंगसेट, थ्रेसर, अरविंद के पक्के मकान में रखा अनाज, अन्य सामान, साइकिल व मोटरसाइकिल का पिछला हिस्सा जल गया। वहीं शंभू के पक्के मकान में रखा घर का सारा सामान जलकर स्वाहा हो गया।