आपदा की तैयारी के लिए डीएम ने प्रशासन को भले ही सतर्क कर दिया था लेकिन आग लगने पर कहीं भी समय से न तो दमकल गाड़ी पहूंंची और न ही कोई अधिकारी। इसे लेकर किसानों में काफी नाराजगी रही। लक्ष्मीपुर प्रतिनिधि के मुताबिक करमहवा खुर्द व समरधीरा के सीवान में आग से करीब छह एकड़ गेहूं की फसल जल गई। करमहवा के पूरब लगी आग देखते ही देखते परसा पांडेय के टोला डिहवा, बरगदवा, विशुनपुर, काशीराम, महदेवा, लालपुर, भगवानपुर व समरधीरा गांव के पास पहुंच गई। हवा तेज होने के कारण आग विकराल रूप धारण कर ली। सातों ग्राम सभा के लोग आग बुझाने के लिए पंपसेट चलाए। फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर आग को काबू पाया जा सका। इस दौरान 35 एकड़ खेत जल चुके थे।
सिसवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार पैकौली कला में भोजन बनाते समय चिंगारी ने पैकौली कला के 85 घरों को जलाकर राख कर दिया। बताया जा रहा कि भट्ठा मजदूर भिक्खि हरिजन शनिवार दोपहर खाना बना रहे थे। उसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी जलने लगी। खुद बाल्टी लेकर आग को बुझाने की कोशिश में लगे तब तक आसपास के घरों में आग पकड़ ली। तेज हवाओं के कारण देखते ही देखते सब जलने लगा। इस आगजनी में भुवनेश्वर, नर्वदा, राजेंद्र, मनोज, खोभारी, जगदीश, कन्हैया, विश्वम्भर, प्रभु, शिवपूजन, रोहित, गौतम, अरविंद, बैजनाथ, त्रिलोकी, तूफानी, शुभम, शैलेश, नागेन्द्र, संजय, राजा, विक्रम, गब्बू, लल्लन, कमलेश, धीरज, सुकई, बुधई, परमात्मा, पियारे, भोला, राजेन्द्र, जुगनी, विपुल, विजय, ओझा, पियारे, शम्भु, सिंहासन, पल्लू, जिउत, कुमार, सुभाष, छोटेलाल, पतुकी, मन्टू, जवाहिर, उदयभान, रामआसरे, अयोध्या, सुधई, विनोद, अंगद, नंदलाल, रामधारे, भुटेली, रामानंद, भरोसा, जीतलाल, रामसेवक, धर्मेंद्र, गणेश, सीताराम, केश्वर, परमहंस, चंद्रिका, श्रीनिवास, हरिलाल, ओमप्रकाश, गया, मल्लू, गजाधर, मोहन, महंथ, नौमी, इंद्रेश व राज कुमार की झोपड़ियां जल गईं। इन लोगों के घर में रखे सामान भी जलकर राख हो गए।
करीब एक घंटे देरी से पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग को बुझाया। तब तक पूरा गांव जल चुका था। देर शाम पहुंचे एसडीएम निचलौल जितेंद्र कुश्वाहा ने मौके का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। ठूठीबारी प्रतिनिधि के मुताबिक बरगदवां क्षेत्र के मनिकापुर के टोला बैकुंठापुर में खाना पकाते समय रामनाथ के घर में आग लग गई। घर में रखा सारा समान जल कर राख हो गया। आग की लपटों की चपेट में आने से बगल के छोटे, रामकिसुन, बहादूर, हिरामन के फूस जल गए। गांव के लोगों व आस पास की मदद से आग पर काबू पाया गया। सूचना पर हल्का लेखपाल व बरगदवां थाने की पुलिस मौके पर पहुंचे।