जंगल से लकड़ी काटने की सूचना पर पहुंचे वन कर्मचारियों पर तस्करों ने लाठी डंडे से हमला कर दिया। जिससे डिप्टी रेंजर समेत पांच वन कर्मचारी घायल हो गए।
सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डिप्टी रेंजर की हालत नाजुक होने पर डाक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। दहशत फैलाने के लिए तस्करों ने फायरिंग भी किया।
हालांकि पुलिस फायरिंग की घटना से इन्कार कर रही है। पिता पुत्र समेत तीन तस्करों पर मारपीट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
निचलौल रेंज अंतर्गत गेड़हरुआ वन चौकी माई राम कुट्टी स्थान पर वाचर हरिपाल व अर्दली तुलसी गश्त कर रहे थे। तभी एक पेड़ के गिरने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर दोनों वन चौकी पर पहुंच गए और इसकी जानकारी डिप्टी रेंजर रामअवध को दी। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर फारेस्टर रामानंद मौर्य, फारेस्ट गार्ड मारकंडेय, वाचर हरिपाल और अर्दली तुलसी के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान तस्करों ने बोटा बनाकर जंगल से सटे गंडक नदी के पास लेकर उस पार करने की फिराक में थे। इस दौरान तस्करों व वन कर्मचारियों में मुठभेड़ हो गया। तस्करों ने लाठी, डंडे से मारकर डिप्टी रेंजर समेत सभी कर्मचारियों को घायल कर दिया और भाग निकले। इस दौरान उन्होंने फायरिंग किया। किसी तरह से सभी वन कर्मचारी निचलौल स्वास्थ्य केंद्र गए। वहां डिप्टी रेंजर की हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मामले में पुलिस ने कुशीनगर जनपद के खड्डा थाना क्षेत्र के छपिया निवासी गोलही और उसके दो पुत्रों अविनाश व मनीष पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया।
रेंजर अशोक चंद्रा का कहना है कि सभी कर्मचारी खतरे से बाहर हैं। डिप्टी रेंजर को अधिक चोट लगी है।
कोठीभार एसओ राजेश वर्मा का कहना है कि वन कर्मचारियों की तहरीर पर तीन तस्करों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने फायरिंग की घटना से इन्कार किया।