मिठौरा (महराजगंज)। कोतवाली पुलिस एवं आबकारी टीम द्वारा शुक्रवार को हरिहरपुर में अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ने के बाद गोदाम मालिक राम अछैबर गुप्ता एवं उसके किराएदार बेल टिकरा निवासी विनोद पटेल की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर गिरफ्तारी के लिये दबिश दे रही है। लेकिन अभी तक अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे है। शनिवार को चौकी प्रभारी बृजेश कुमार सिंह अपने हमराही पारसनाथ यादव, अमित सिंह, रणविजय सिंह, मिथिलेश राय के साथ गोदाम मालिक अछैबर गुप्ता के सिंदुरिया स्थित शिकारपुर रोड पर स्थित मकान पर दबिश देकर खड़े चार पहिया वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। चौकी इंचार्ज का कहना है कि चार पहिया वाहन को कब्जे में ले लिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
राइस मिल मालिक संदेह के घेरे में
मिठौरा। सदर कोतवाली पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम के दौरान हुई छापेमारी से यह साफ पता चल रहा है कि बेलवा चौधरी और हरिहरपुर स्थित गोदाम में मिले अवैध शराब की फैक्ट्री, दोनों के मालिक राम अछैबर गुप्त ही है। दोनों राइसमिल के मालिक होने से अब राम अछैबर गुप्त पुलिस के संदेह के घेरे में विशेष रूप से आ रहे है। शुक्रवार की सुबह बाजरे की खेत मे एक पेटी नकली शराब पाए जाने के बाद चौकी प्रभारी सिंदुरिया बृजेश कुमार सिंह मिल के मालिक राम अछैबर गुप्त से फोन से बात किए। उस समय मिल मालिक शिकारपुर रोड पर स्थित मकान में थे। लेकिन कई बार चौकी प्रभारी के बुलाने के बावजूद भी बीमारी का बहाना करके राम अछैबर गुप्त गोदाम पर नहीं आया तो चौकी प्रभारी सिंदुरिया ने नाराज होकर गोदाम में अपना ताला जड़ कर उच्चाधिकारियों को दूरभाष से इसकी सूचना दे दिए थे। उसके बाद छापे मारी दौरान अवैध शराब फैक्ट्री का खुलासा हो सका था।