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पोस्टमार्टम में देरी से चन्द्रशेखर का तीसरे दिन हुआ अंतिम संस्कार

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कोठीभार। गुरुवार की रात बदमाशों की गोली का शिकार बने चंद्रशेखर के पोस्टमार्टम में देरी के कारण शनिवार को तीसरे दिन बीजापार के खेड़ाखड़ा नाला पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। बहन की शादी के बात कर कसया से अपने मित्र के साथ घर वापसी में सिसवा कस्बे के प्रेमचित्र मंदिर के सामने चंद्रशेखर उर्फ छोटू को गुरुवार की रात 11:45 बजे बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। सिसवा पीएचसी से रेफर होने के बाद गोरखपुर मेडिकल कालेज पहुंचते ही रात में मौत हो गई थी। चचेरे भाई दिनेश मद्धेशिया का कहना है कि पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी करने में शुक्रवार का पूरा दिन बीत गया। औपचारिकताएं पूरी हो गई तो डॉक्टर मुख्यमंत्री की वीआईपी ड्यूटी में चले गए। एक शुभचिंतक की सलाह पर डीएम से गुहार के बाद भोर में तीन बजे पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम में गोली नहीं मिल पा रही थी। सदर हॉस्पिटल में सीटी स्कैन में पता चला कि गोली सरक कर जांघ में चली गई है। उसके बाद शनिवार को 10 बजे दोबारा पोस्टमार्टम हुआ। सायं 5 बजे के करीब खेखड़ा नाला स्थित अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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48 घंटे बीतने के बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं
कोठीभार। चंद्रशेखर हत्या कांड में कोठीभार पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। घटना के समय से ही उनका मित्र पुलिस कस्टडी में है। फिर भी कोई क्लू नहीं मिल पा रहा है। जबकि इस मामले में क्राइम ब्रांच से लेकर कई अधिकारी लगे हैं। पुलिस का कहना है कि वह हर संभावनाओं पर नजर रख रही है। घटना का चश्मदीद और चंद्रशेखर का मित्र ईश्वर मद्धेशिया बार-बार बयान बदल रहा है। शायद भयवश वह सच नहीं बता रहा है। दूसरी ओर अखिल भारती मद्धेशिया वैश्य समाज ने शनिवार को हत्याकांड के खिलाफ सिसवा बंद करने की चेतावनी को लेकर एसओ जितेंद्र सिंह ने थाना कोठीभार में मृतक के परिजनों व मद्धेशिया समाज के लोगों के साथ बैठक कर बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिया की जल्दी ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। उन्होंने सिसवा बंद करने के निर्णय को वापस लेने की अपील की। नगर की जनता को यह आशंका है कि यह मामला भी कहीं तीन महीने पहले हुए अमित हत्या कांड की तरह ठंडे बस्ते में न चला जाय। थानेदार के आह्वान पर सिसवा बंद के निर्णय को वापस लेते हुए मद्धेशिया समाज के लोगों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर जल्दी हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।

चंद्रशेखर की हत्या का वजह कहीं सट्टेबाजी तो नहीं
सिसवा बाजार। विगत 24 अगस्त की रात लगभग पौने 12 बजे कस्बे के प्रेम चित्र मंदिर सिनेमा हॉल के पास चंद्रशेखर उर्फ छोटे की गोली मारकर हुई हत्या के कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है। नगर के लोग अलग-अलग तरह से हत्या के कारणों का कयास लगा रहे हैं। चंद्रशेखर कस्बे के स्टेट चौक पर किराने की दुकान चला कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। लोगों की मानें तो चंद्रशेखर आईपीएल मैच में सट्टा लगाता था जबकि उसकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। लोगों का कहना है कि नगर के कुछ रसूखदारों से ब्याज पर रुपये लेकर चंद्रशेखर सट्टे में लगाता था। इससे उस पर काफी कर्ज हो गया था। कुछ दिन पूर्व तगादे को लेकर कुछ लोगों से चंद्रशेखर का विवाद भी हुआ था। लोगों में चर्चा है कि उधारी के चलते चंद्रशेखर की हत्या हुई होगी।
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