महराजगंज। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के जुगौली गांव में किसी संदिग्ध के छिपे होने की खबर पर एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। जिस मकान में संदिग्ध के छिपे होने की सूचना थी, उसे जवानों ने घेर रखा था। वहीं किसी अनहोनी की आशंका से गांव वाले दहशत में रहे।
सोमवार की दोपहर करीब दो बजे सरहद के निकट जुगौली गांव में किसी संदिग्ध के छिपे होने की सूचना पर एसएसबी के दो दर्जन से अधिक जवान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोतवाली क्षेत्र के जुगौली गांव निवासी अब्दुल सत्तार पुत्र तवारक के मकान को घेर लिया। और सर्च ऑपरेशन के तहत उक्त मकान की तलाशी लेने लगे। पूरे गांव में आतंकवादी के छिपे होने की खबर से दहशत हो गयी। करीब एक घंटे के तलाशी के बाद एसएसबी अधिकारी और जवान वापस लौट आए। हालांकि दो जवान हथियारों के साथ शाम तक उक्त मकान के आस पास मंडराते रहे। उक्त मकान मालिक के यहां कई लोग किराए पर रहते हैं। इधर एक सप्ताह में उसके यहां बाहरी कई लोगों ने किराए पर कमरे ले रखे हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थी। छापेमारी में कुछ लोगों का वेरिफिकेशन किया गया, जबकि कुछ कमरों में ताले लगे मिले। इस छापेमारी में पुलिस के भी कुछ सिपाही घटना स्थल पर डटे रहे। इस संबंध में एसएसबी का कोई भी अधिकारी कोई जानकारी देने से कतरा रहा है।
गौरतलब है बीते दिनों सोनौली बॉर्डर से ही हिजबुल आतंकी नसीर अहमद पकड़ा गया था, जबकि उसका एक साथी पकड़ में नहीं आया था, जिसे लेकर आशंका जताई जा रही थी कि वह या तो किसी अन्य जगह से देश में प्रवेश कर गया है या फिर आने वाले दिनों में देश में दाखिल होने की कोशिश कर सकता है। इन आशंकाओं के मद्देनजर ही एसएसबी और पुलिस की छापेमारी पर लोग किसी खूंखार आतंकी के छिपे होने का अंदाजा लगाने लगे।