महराजगंज। शासन की तरफ से मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत कर श्रमिकों को अधिक से अधिक दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। बावजूद इसके खंड विकास अधिकारियों की उदासीनता के कारण जनपद में 397 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां मानव दिवस सृजन शून्य हैं।
जनपद के सभी खंड विकास अधिकारियों को सीडीओ स्तर से आदेश भी पिछले दिनों जारी किए गए, लेकिन स्थिति पूर्ववत बनी हुई है। बृहस्पतिवार को उपायुक्त ने चेतावनी पत्र जारी किया है। पत्र में कहा है कि अगर यह स्थिति 15 मई तक बनी रही तो संबंधित खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
मनरेगा मानव दिवस सृजन की बात करें तो सबसे खराब स्थिति लक्ष्मीपुर ब्लाॅक की है। यहां कुल 96 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन 65 ग्राम पंचायतों का मानव दिवस सृजन शून्य है। बृजमनगंज की 65 ग्राम पंचायतों में 18, धानी की 20 में छह, घुघली की 74 में 47, महराजगंज के 60 में 28, मिठौरा के 82 में 27, नौतनवां के 97 में 30, निचलौल के 108 में 46, पनियरा के 72 में 28, परतावल 77 के 51, फरेंदा के 71 में 20 व सिसवां के 60 ग्राम पंचायतों में 31 ग्राम पंचायतों का मानव दिवस सृजन शून्य है।