1.25 करोड़ का प्रस्ताव दिसंबर 2025 में भेजा, एबीसी सेंटर अब तक नहीं बना
परतावल सीएचसी में रोज 35 लोगों को लग रहा रेबीज का टीका
महराजगंज। जिले में कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना औसतन 10 से 15 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट के हर जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने के आदेश के 10 महीने बाद भी महराजगंज में एबीसी सेंटर का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। पूरी कवायद फाइल में है।
सबसे चिंताजनक स्थिति परतावल की है। सीएचसी परतावल में रोजाना 30 से 35 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है। सीएचसी बनकटी में यह आंकड़ा 50 से अधिक है। महीने में यहां 1500 से ज्यादा लोगों को टीका लगता है। सिसवा सीएचसी में रोज 10 से 15 केस आ रहे हैं और महीने में 80 से 90 वायल खर्च हो रही है। धानी सीएचसी में रोजाना चार से पांच मरीज पहुंचते हैं। गर्मी के मुकाबले सर्दी में डॉग बाइट के केस 10 से 11 तक पहुंच जाते हैं।
प्रस्ताव भेजा, मंजूरी का इंतजार
नगर पालिका महराजगंज ने दिसंबर 2025 में शासन को एबीसी सेंटर के लिए 1.25 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। वार्ड-8 पटेल नगर में जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। कार्यदायी संस्था के रूप में सीएनडीएस का चयन हुआ है। मगर 10 महीने बीतने के बाद भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है और निर्माण शुरू नहीं हुआ। वहीं, नगर पालिका के ईओ आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि पटेल नगर में एबीसी सेंटर का निर्माण होना है। सीएनडीएस इसका निर्माण कराएगी। इसके बाद कुत्तों के आतंक से राहत मिल जाएगी।
कुत्तों के डर से कुएं में गिरकर बालक की हो चुकी है मौत
गली-गली में कुत्तों का आतंक है। दिन में किसी तरह आवाजाही हो जाती है, लेकिन रात में लोगों की चिंता बढ़ जाती है। कुत्ते पैदल चलने वालों, साइकिल व बाइक सवारों को दौड़ा लेते हैं। इससे कई बार लोग दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
बीते तीन मई को ठूठीबारी थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द गांव में खेलने गए पांच साल के मासूम को कुत्तों ने दौड़ा लिया। बचने के लिए भागा मासूम कुएं में गिर गया और उसकी मौत हो गई। परतावल में करीब 10 दिन पहले एक कुत्ते ने कई लोगों को काट लिया था।
क्या है एबीसी सेंटर
एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण किया जाता है। इससे उनकी संख्या और आक्रामकता दोनों पर नियंत्रण होता है। सुप्रीम कोर्ट ने हर जिले में यह सेंटर बनाने का निर्देश दिया था।
कोर्ट का आदेश पर पशु प्रेमी बोले
स्ट्रीट डॉग की बढ़ती संख्या पर सुप्रीम कोर्ट ने एबीसी सेंटर बनाने का सुझाव दिया था। बाद में कोर्ट ने खतरनाक हो चुके कुत्तों को मारने की बात भी कही। इस पर पशु प्रेमियों ने कहा कि कुत्तों को भी जीने का अधिकार है।
कोट
जानवरों को खाने के लिए भरपूर भोजन मिले तो वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। एबीसी सेंटर का जल्द निर्माण होना चाहिए।
दिलीप शुक्ला, सुभाष नगर
महंगे कुत्ते लोग घरों में पालने लगे हैं। आवारा कुत्तों को कोई नहीं पूछता। पहले इन्हीं कुत्तों को लोग पालते थे, तब घटनाएं कम होती थीं।
बृजेंद्र नाथ त्रिपाठी, शास्त्री नगर
पीड़ितों की आपबीती
10 दिन पहले शहर से घर जाते समय रास्ते में कुत्ते ने काट लिया। सुबह सीएचसी पर इंजेक्शन लगवाया। अब कुत्तों को देखकर डर लगता है।
- सोहन, परतावल
13 मई को बाजार जाते समय कुत्ते ने काट लिया। सीएचसी पर जाकर इंजेक्शन लगवाया। अब कुत्तों को देखकर सतर्क हो जाता हूं।
नौशाद, पिपरिया, परतावल