महराजगंज। कोतवाली क्षेत्र के बड़हरा रानी निवासी संविदा लाइनमैन 21 वर्षीय नीरज सिंह की बुधवार सुबह रुधौली भावचक में बिजली पोल पर फाल्ट ठीक करते समय करंट लगने से मौत हो गई। इससे भड़के परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने फरेंदा मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम सदर के आश्वासन के बाद परिजनों ने एक घंटे बाद जाम समाप्त कर दिया। एसडीएम ने मामले की जांच एसडीओ विद्युत को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार, नीरज बुधवार सुबह करीब आठ बजे बिजली ठीक करने के लिए पोल पर चढ़े थे। बताया गया कि उनके सहयोगी लाइनमैन ने शटडाउन लिया था, लेकिन काम के दौरान अचानक विद्युत सप्लाई बहाल हो गई। इससे नीरज को करंट लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंचे परिजन नीरज को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों को लगा कि बिजली विभाग का कोई अधिकारी आएगा, लेकिन मौके पर कोई नहीं दिखा। फोन करने पर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने परिजनों के साथ सुबह करीब नौ बजे फरेंदा मार्ग जाम कर दिया। इमरजेंसी सेवा से जुड़ी गाड़ियाें को आने जाने दिया गया, लेकिन अन्य गाड़ियां रोक दी गईं।
मृतक के पिता महेंद्र ने कहा कि शटडाउन में बिजली कैसे आ गई, यह समझ में नहीं आ रहा है। मामले में कसूरवार पर कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बगैर महिला पुलिस को साथ लिए पुलिस ने महिलाओं से बदसूलकी की। सख्ती बरतते हुए धक्का-मुक्की कर जाम समाप्त कराने का आरोप है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
नीरज के पिता महेंद्र सिंह खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि उनकी मां संगीता गृहिणी हैं। नीरज परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। उनके बड़े भाई दीप नारायण पढ़ाई करते हैं और सबसे बड़ी बहन सीमा की शादी नहीं हुई है। नीरज ने हाईस्कूल तक शिक्षा प्राप्त की थी और परिवार का आर्थिक बोझ उठाने के लिए संविदा पर काम कर रहे थे। सूचना मिलते ही सदर एसडीएम, सदर कोतवाल सत्येंद्र कुमार राय, नगर चौकी इंचार्ज अरुण सिंह और नायब तहसीलदार देश दीपक त्रिपाठी मौके पर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। नीरज की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।