परतावल। स्वच्छ भारत मिशन के तमाम दावों के बावजूद परतावल क्षेत्र के कई सामुदायिक शौचालयों की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। गंदगी, टूटे हुए पाइप और पानी की किल्लत के कारण स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि शौचालय की हालत ऐसी है कि उसका इस्तेमाल करना मुश्किल ही नहीं, बल्कि बीमारियों को भी न्योता देने जैसा है। सामुदायिक शौचालय बनकटिया में पानी की व्यवस्था नहीं है। शौचालय में मोटर नहीं है। इसके अलावा अगल बगल गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शौचालय की टंकी के ढक्कन भी आधे खुले हुए हैं।
गांव के श्यामसुंदर ने बताया कि शौचालय सुबह के समय खुला रहता है लेकिन पानी भरकर बाहर से लाना पड़ता है। शौचालय के अंदर भी गंदगी फैली हुई है। दरोगा ने बताया कि रख रखाव के अभाव में शौचालय की हालत बदतर हो गई है। अगल बगल साफ सफाई न होने से अक्सर कीड़े-मकोड़े निकलते रहते हैं।
सामुदायिक शौचालय कुसुम्हा भी बदहाल है। चंद्रिका ने बताया कि शौचालय में साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। बदबू और गंदगी के चलते वहां जाना मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
पानी की समस्या है। हैंडपंप खराब पड़ा है। महिलाओं के लिए यहां और भी बड़ी समस्या है। बच्चों को लेकर भी काफी समस्या होती है। यही कारण है कि कोई इसका प्रयोग करना नहीं चाहता है।