सीएम के प्रस्तावित दौरे से चीनी मिल शुरू होने की आस जगी
30 दिसबंर को जयपुरिया इंटर कालेज में आयोजित सभा में शामिल होंगे सीएम योगी आदित्यनाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा / महराजगंज। करीब 25 वर्षों से बंद फरेंदा क्षेत्र की गणेश शुगर मिल अभी तक सिर्फ चुनावी मुद्दा बन कर रह गई है। चीनी मिल बंद होने से किसानों की तरक्की का रास्ता पूरी तरह से बंद पड़ा है। चीनी मिल के नाम कई बार राजनीतिक दलों के लोगों ने चुनावी नैया भी पार की, लेकिन जीतने के बाद इसकी सुध नहीं ली। सांसद पंकज चौधरी के वित्त राज्य मंत्री बनने के बाद मिल के चलने की उम्मीद जगी है। वहीं 30 दिसबंर को फरेंदा कस्बे के जयपुरिया इंटर कालेज में सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से क्षेत्र में गणेश शुगर मिल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फरेंदा क्षेत्र के अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने बताया कि फरेंदा क्षेत्र का विकास पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। गणेश शुगर मिल से हजारों किसानों का परिवार चलता था, लेकिन वह भी विगत 25 वर्षों से बंद है, जिससे किसान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ऐसे में सीएम का आगमन क्षेत्र के लिए सुखद साबित होगा।
डॉ. मनीष चौबे ने कहा गणेश शुगर मिल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर मिल चले तो हजारों युवाओं को इससे रोजगार मिलेगा। साथ ही मिल के संचालन भी न्यूनतम पूंजी निवेश में संभव हो सकेगी। जमीन भी पर्याप्त मात्रा में होने के कारण मिल का संचालन सुगम होगा। फरेंदा को जिला बनाने की घोषणा होती है तो काफी अच्छा होगा।
विनीत मणि त्रिपाठी ने कहा कि गणेश शुगर मिल का संचालन संभव न हो सके तो उसी जमीन में और भी उद्योग स्थापित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में फर्टिलाइजर का संचालन कर ऐतिहासिक कार्य किया है। गणेश शुगर मिल के शुरू होने का लोग रास्ता देख रहे हैं।
समाजसेवी अंकुर मणि त्रिपाठी ने कहा कि क्षेत्र की एक मात्र चीनी मिल का संचालन शुरू हो तो भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जायेगी। काफी बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल जायेगा। साथ ही क्षेत्र का बंद पड़ा विकास का पहिया भी चलने लगेगा।
फरेंदा क्षेत्र की एक मात्र गणेश शुगर मिल का निर्माण जयपुरिया घराने के लोगों ने 1932 में कराया था, जो 1994 तक किसानों के साथ क्षेत्र के लिए सहारा भी बनी थी। लेकिन करीब 25 वर्ष से मिल बंद है, जिसको लेकर चीनी मिल मजदूर संगठन ने वित्त राज्यमंत्री सांसद पंकज चौधरी से मिल कर चीनी मिल चलाने व बकाया वेतन दिलाने का काफी प्रयास किया। सांसद के प्रयास से बकाया वेतन कुछ मिला भी।
गणेश शुगर मिल की स्थापना राजस्थान के निवासी सेठ आनंदराम जयपुरिया द्वारा क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने एवं शिक्षा की ज्योति जलाने के क्रम में किया गया था। चीनी मिल के बंद होने से पहचान धूमिल हो रही है।