महराजगंज। तीन दिनों से जिले में झूमकर बारिश हो रही है। शनिवार को जिले में 60 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। लगातार बारिश होने से जिला मुख्यालय के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव से आवागमन में परेशानी शुरू हो गई है।
जिला अस्पताल परिसर में पानी जमा होने के कारण ओपीडी में जाने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जनपद में हो रही लगातार बारिश से धान की फसल को जहां संजीवनी मिल गई है वहीं जनपद से होकर गुजरने वाली नदियां खतरे के निशान को छूने के लिए आतुर हैं। 48 घंटे से होने वाली वर्षा के कारण महराजगंज कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में पानी भर गया है।
सिविल लाइंस, गांधीनगर और शास्त्री नगर मोहल्लों में पानी के चलते लोग घरों में कैद हो गए हैं। सदर कोतवाली परिसर में भरे पानी को निकालने के लिए जहां पंपिंग सेट लगाया गया है वहीं ब्लॉक परिसर व राजकीय बीज भंडार परिसर में भरे पानी को निकालने का कोई इंतजाम नहीं दिखा। कलक्ट्रेट व विकास भवन, दीवानी न्यायालय की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर पानी भरे होने के चलते कर्मचारियों व वादकारों को आवागमन की परेशानी से दो चार होना पड़ा।
कांशीराम आवास परिसर में भी पानी लगने की समस्या मिली। नगर पालिका परिषद महराजगंज के अधिशासी अधिकारी आलोक मिश्रा ने बताया कि बारिश का क्रम रुकने के बाद जिन वार्डों में पानी भर गया है उसे निकालने का इंतजाम किया जाएगा। जहां नालों के जाम होने की शिकायत मिल रही वहां कर्मचारी सफाई के लिए भेजे जा रहे हैं।
तैयार फसल नुकसान होने की संभावना
अड्डा बाजार। दो दिनों के लगातार मूसलधार बारिश से एक तरफ खेत में सूख रही धान की फसल को राहत मिल गई। वहीं अगेती धान की तैयार फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई। बनवाटरी के किसान व्यास मुनि मिश्र, नौडिहवा के डमरू चौहान ने बताया कि डंंकल धान पककर तैयार है। तेज हवा से फसल जमींदोज हो गई और खेेत में पानी भरने से बालियां डूब गई हैं। तैयार फसल नुकसान होने की संभावना है। मूसलाधार बारिश से गजरही ढाला से मुडेहरा बाजार पिच मार्ग, नईकोट रेलवे स्टेशन पिच मार्ग, गजरही खडंजा मार्ग, छितरापार के दोनों पिच मार्ग के ऊपर से पानी बह रहा है। संवाद
बघेला नाला का जलस्तर बढ़ने से किसानों के होश उड़े
परसामलिक। स्थानीय क्षेत्र के बघेला नाले पर बना पुल बहुत पुराना होने के कारण जर्जर हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए राहगीरों की सुरक्षा के लिए थानाध्यक्ष उमेश कुमार ने एक उपनिरीक्षक व एक कांस्टेबल की ड्यूटी लगा दी है। बघेला नाले का जलस्तर लाल निशान पर आ गया जिसे देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। संवाद
बारिश से सड़क क्षतिग्रस्त
परसामलिक। नौतनवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत रतनपुर के मिश्रवलिया बाजार की सड़क बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई। इस सड़क से गंगापुर, बैकुंठपुर, गुप्तारदास टोला, गंगापुर परती, विशेषर टोला, हरलालगढ़, मिश्रा टोला व खानडिह गांव के लोग आते जाते हैं। ग्रामीण बाबूलाल यादव, पप्पू यादव, रामदीन यादव, नंद किशोर यादव, बनवारी, पन्नेलाल, सीताराम, सुरेश, गौरी, राममूरत, आदि ने एसडीएम को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है। संवाद
लक्ष्मीपुर खुर्द गांव व पुलिस चौकी में जलभराव
ठूठीबारी। लक्ष्मीपुर खुर्द गांव व पुलिस चौकी में जलभराव हो गया है। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के पूरब गंडक व उत्तर भौरहियां नदी तथा गांव के पश्चिम चंदन नदी होकर बहती है। शनिवार को नदी उफना गई और देखते ही देखते लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के सिवान होकर गांव में पानी घुस गया। गांव के देवेंद्र यादव कन्हैया, राजू गुप्ता सुरेंद्र गोविंद सुभाष गुप्ता विक्रम यादव सोनू जायसवाल ने बताया कि जलभराव से मुश्किल हो रही है। लक्ष्मीपुर खुर्द गड़ौरा मार्ग पर तीन फीट ऊपर पानी बहने लगा। लक्ष्मीपुर खुर्द पुलिस चौकी इंचार्ज महेंद्र यादव ने बताया की बाढ़ का पानी पुलिस चौकी में घुस जाने से पुलिस कर्मी मंदिर में शरण लिए हैं। निचलौल एसडीएम शैलेंद्र कुमार गौतम लक्ष्मीपुर खुर्द पहुंच बाढ़ का जायजा लिया। संवाद
संवेदनशील बांध पर सिंचाई विभाग ने बढ़ाई निगरानी
निचलौल। पिछले दो दिनों से मैदानी इलाकों के साथ ही नेपाल के पहाड़ों पर हो रही मूसलधार बारिश के चलते नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर शनिवार शाम करीब पांच बजे बढ़कर पांच लाख क्यूसेक पानी से ऊपर हो गया था। ऐसे में सिंचाई विभाग के जिम्मेदार नारायणी नदी के संवेदनशील बांध बी गैप, ए गैप, लिंक और नेपाल बांध की निगरानी बढ़ा दी है। बी-गैप बांध पर तैनात सिंचाई विभाग द्वितीय के असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष लगभग 20 करोड़ रूपये की लागत से नारायणी नदी के ठोकर संख्या 9 व 10 के बीच पैचिंग, स्तर 13 पर टेट्रा पोड, 15 पर जेफरन के अलावा 13 व 14 के बीच में मरम्मत कार्य कराया गया था। नदी का लगातार बढ़ रही जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील ठोकरों की लगातार जांच परख की जा रही है। फिलहाल नदी की पानी से किसी भी प्रकार की अभी बांध को क्षति नहीं होने वाली है। इन्होंने आगे कहा की नदी से सटे नेपाल राष्ट्र के गांव रतनगंज, महलवारी, तरैनी, सेमरी, नर्सही, कुड़िया सहित अन्य गांवों के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। संवाद