महराजगंज। सीमावर्ती इलाकों में कपड़ों की खेप अक्सर बरामद हो रही है, लेकिन तस्कर मौका देख फरार हो जाते हैं। दो महीने में आठ से अधिक बार कपड़े की बरामद की हुई है। नेपाल में लेडीज सूट की मांग अधिक है। इसका फायदा तस्कर उठा रहे हैं। खास बात यह है कि कड़ी चौकसी के वजह से बरामदगी होती है, लेकिन तस्कर बहुत कम ही हाथ लगते हैं।
सूत्रों की माने तो कपड़ों की तस्करी को लेकर बड़ा सिंडिकेट काम रहा है। इसमें कैरियरों के जरिए पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है। सीमा क्षेत्र में कड़ी चौकसी के कारण समय-समय बरामदगी होती है। सुरक्षा कर्मी तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटे हैं। आकड़े बयां कर रहे हैं कि यह पूरा खेल बेहद होशियारी से चल रहा है। नेपाल में बैठे कैरियरों के सरगना अपने हिसाब से व्यवस्था संचालित कर रहे हैं।
करोड़ों के धंधे में रोडवेज बसों से भी कपड़े मंगाए जाते हैं। इसमें भी बचाव का पूरा रास्ता बना लिया गया है। दिल्ली, जयपुर समेत अन्य बड़े शहरों से आने वाली बसों में कपड़ों का बंडल बुक करके मंगा लिया जाता है, इसके बाद इसे मौका मिलने पर सरहद पार भेज दिया जाता है।
सूत्रों की माने तो 10 से 20 हजार रुपये का बंडल एक बार में मंगाया जाता है। यह कई बंडल अलग-अलग बसों में आता है। इस वजह से यह पकड़ में नहीं आता है। रास्ते में होने वाली जांच से बचने के लिए प्रपत्र भी ठीक से बनवा लिया जाता है। ज्यादा रकम का माल नहीं होने पर बहुत कोई ध्यान नहीं देता है। इस पूरे सिंडिकेड में कैरियर आसानी से अपना काम कर किनारा कस लेते हैं।
सूत्रों की माने तो सीमावर्ती क्षेत्र में एकत्र कपड़ों को समय देखकर ही पगडंडियों से सरहद पार किया जाता है। अगर समय नहीं मिलता है तो कैरियर शांत रहते हैं। खास बात यह है कि कैरियरों को जब पकड़ जाने का डर रहता है तो सीधे सरहद पार निकल जाते हैं। ऐसे में कार्रवाई के दौरान कपड़े तो बरामद हो जाते हैं, लेकिन कैरियर हाथ नहीं लगते हैं। गुजरे वक्त में हुई कार्रवाई पर नजर डाले तो अवैध गोदामों पर भी कार्रवाई हुई है।
27 अप्रैल 2024 की बात करें तो परसा मलिक थाना क्षेत्र के गांव झिंगटी टोला मुजहना के पास पिकअप पर लदा कपड़ा बरामद हुआ था। पूछताछ में चालक कोई वैध कागजात नहीं दिखा पाया था। 19 कट्ठर कपड़ा बरामद हुआ था। ऐसे ही अक्सर कपड़ा लेकर जाने वाले ही दबोचे जाते हैं, लेकिन उनके सरगना पकड़ से दूर रहते हैं। उधर, पुलिस के मुताबिक क्षेत्र में कड़ी चौकसी की जा रही है। समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है।