कक्षा नौ में 34 और हाईस्कूल में 44 विद्यार्थियों का है नामांकन
निचलौल। निचलौल तहसील क्षेत्र के इंडो-नेपाल सीमावर्ती ग्रामसभा झूलनीपुर में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। आलम यह है कि हाईस्कूल स्तर पर 78 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई स्कूल के एक की प्रधानाध्यापिका के भरोसे है।
संवाद न्यूज एजेंसी ने जब इस विद्यालय की पड़ताल की तो पाया कि स्कूल के कक्षा नौ में 34 और हाईस्कूल में 44 विद्यार्थियों का नामांकन है। प्रधानाध्यापिका शिवकुमारी पटेल ने बताया कि सोमवार को कक्षा नौ में सुधा सिंह, कुमकुम शर्मा और सोना शर्मा तथा हाईस्कूल में सोनी सिंह, शिल्पा पाल, राधिका भारती, मनीषा भारती और निशा भारती अध्ययन के लिए विद्यालय पहुंचीं, जबकि अन्य छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे।
विद्यालय में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत तथा चित्रकला विषयों की मान्यता है लेकिन किसी भी विषय के नियमित शिक्षक की तैनाती नहीं है। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उपस्थिति दोनों पर पड़ रहा है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि सहायक अध्यापिका सबिता देवी का 15 जुलाई को वाराणसी तथा बिंदु देवी का 17 जुलाई को भदोही स्थानांतरण हो गया।
इसके बाद से पूरे विद्यालय के संचालन से लेकर छात्रों की पढ़ाई का जिम्मा उन्हीं पर अकेले उन्हीं के जिम्मे है। जिला प्रभारी समग्र शिक्षा मुकेश कुमार कन्नौजिया ने बताया कि डीआईओएस के निर्देशन में शिक्षकों के समन्वय की प्रक्रिया प्रभावी है। अगस्त तक विषयवार शिक्षक मिल जाएंगे।