मई में बेटी की शादी, घर का अनाज-फसल बर्बाद होने से परिवार के सामने संकट
सोहगीबरवा दियारा क्षेत्र में आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरा तरह किया प्रभावित
स्कूल और अस्पताल की सुविधाएं भी हो गई हैं प्रभावित
निचलौल। सोहगीबरवा दियारा क्षेत्र में आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरा तरह प्रभावित कर दिया है। बाढ़ के पानी से घर में रखे सामान, आवागमन के रास्ते तो खराब हो ही गए हैं। स्कूल और अस्पताल परिसर में पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई और लोगों का इलाज भी प्रभावित हो गया है। वहीं गेड़हवा के बलुआ टोला निवासी प्रेम बिन्न की बेटी सिरमती की शादी मई में होनी है। बाढ़ में घर में रखा अनाज और अन्य सामान बर्बाद हो गया और खेत में लगी फसल भी डूबकर खराब होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है।
सिरमती की मां अनीता देवी ने बताया कि घर में रखा अनाज बर्बाद होने के साथ खेती की फसल भी नष्ट हो गई है। परिवार के कमाऊ सदस्य प्रेम बिन्न की तबीयत भी अक्सर खराब रहती है। ऐसे में बाढ़ के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि अब बेटी की शादी कैसे होगी, इसकी चिंता सता रही है। मई में शादी के लिहाज से परिवार ने तैयारियों शुरू कर दी थीं। बाढ़ में घर में रखे सामान भी नष्ट होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है।
सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा क्षेत्र के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन विद्यालयों में करीब 500 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। सोहगीबरवा के प्राथमिक विद्यालय में करीब 155 विद्यार्थी एक शिक्षक और एक शिक्षामित्र के भरोसे हैं। भोथहा टोला स्थित कंपोजिट विद्यालय शिकारपुर में कक्षा एक से पांच तक करीब 130 और कक्षा छह से आठ तक करीब 55 विद्यार्थी हैं।
मुजा टोला के प्राथमिक विद्यालय में करीब 100 और शिकारपुर के धरमपुर टोला के विद्यालय में करीब 83 बच्चे पढ़ते हैं। बाढ़ का पानी भरने से सभी विद्यालय बंद हैं। विद्यालयों में रखा सामान और स्टेशनरी भी खराब हो गई है। परिसर में पानी जमा होने के कारण नुकसान का आकलन अभी नहीं हो सका है। शिक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को विद्यालय परिसर में प्रवेश कर स्थिति देखी जाएगी, इसके बाद पठन-पाठन शुरू कराने की कार्रवाई होगी।
दोनों एएनएम सेंटर बंद, दूर जा रहीं महिलाएं
तीनों गांवों की करीब 20 हजार आबादी के बीच दो एएनएम सेंटर हैं। बाढ़ के बाद दोनों सेंटर बदहाल हो गए हैं। नियमित टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की जांच प्रभावित हुई है। फिलहाल सोहगीबरवा सीएचसी में महिलाओं का टीकाकरण कराया जा रहा है। आपात स्थिति में एएनएम बिंद्रावती घर पहुंचकर सेवा दे रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर गांवों में कैंप लगाकर भी जांच की जा रही है। इलाज के लिए महिलाओं को दूसरे अस्पताल जाना पड़ रहा है।
सफाई से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक जुटा प्रशासन
बाढ़ का पानी गांवों से निकलने लगा है लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। तहसील प्रशासन की ओर से सफाईकर्मियों की टीमें सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और पंचायत भवनों की सफाई में जुटी हैं। प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. उमेश चंद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सक्रिय है। अभी तक किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से बीमार होने की सूचना नहीं है। वायरल फीवर और त्वचा रोग के मरीज बढ़े हैं, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य टीमों को सक्रिय किया गया है। गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की व्यवस्था भी जारी है।
फोटो परिचय:गेड़हवा के बलुआ टोला में बाढ़ से प्रभावित होने के बाद निराश बैठा प्रेम बिन्न का परिवार।
शिकारपुर में प्राथमिक विद्यालय के पास जमा बाढ़ का पानी।
बाढ़ से बदहाल हुआ एएनएम सेंटर।
सोहगीबरवा में स्वास्थ्य विभाग के कैंप में इलाज कराते ग्रामीण।