मगरमच्छों की मौजूदगी और गहरे पानी के बावजूद नहर में कर रहे स्नान, लोगों ने जताई चिंता
इन दिनों पानी की आपूर्ति बाधित है, लेकिन इसके बावजूद
महराजगंज। झूलनीपुर से होकर कुशीनगर व बिहार की ओर जाने वाली गंडक नहर में गर्मी से राहत के लिए बच्चे इनदिनों स्नान कर रहे हैं। जबकि इस नहर में कई मगरमच्छों को देखा गया है। साथ ही यह नहर अचानक अचानक तेज जलप्रवाह के खतरे के लिए पहले से जाना जाता है।
सोमवार को निचलौल के तेरह चार पुल के पास कुछ बच्चे नहर के फाटक खोलकर पानी में स्नान करते दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चे नहर के ऐसे हिस्से में उतर गए थे, जहां पानी की गहराई सामान्य तल से करीब 10 मीटर तक है। स्थानीय लोगों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है।
मौके पर मौजूद कौलेस व अनिरुद्ध निवासी बहुआर खुर्द, महेन्द्र बैठवलिया, मुन्ना बैठवलिया, लल्लू व मणि मद्धेशिया निवासी तेरहचार पुल ने बताया कि बच्चे इस तरह से रोज स्नान करते हैं। जबकि इसी क्षेत्र में कई बार विशालकाय मगरमच्छ देखे जा चुके हैं। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण मगरमच्छों के विचरण की संभावना और बढ़ जाती है। पास स्थित दर्जनिया ताल मगरमच्छों का प्रमुख बसेरा माना जाता है, जहां से वे भोजन की तलाश में नहर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं।
तेरह चार पुल के समीप छायादार वृक्षों के नीचे बैठे लोगों ने बच्चों की इस लापरवाही पर चिंता व्यक्त की। कई लोगों ने बच्चों को समझाने का प्रयास किया, जबकि कुछ लोगों ने अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बच्चों को ऐसे खतरनाक स्थानों पर जाने से रोकना अभिभावकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नहर में अचानक पानी छोड़े जाने की स्थिति में जलप्रवाह बेहद तेज हो जाता है। ऐसे में स्नान कर रहे बच्चों के बह जाने की आशंका है। पूर्व में भी नहर में डूबने और अन्य दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
मामले को लेकर नहर के किनारे स्थित सिंचाई विभाग के विश्राम भवन में मौजूद कर्मचारियों से जानकारी ली गई। विभागीय जिम्मेदारों ने बताया कि नहर के सभी फाटक बंद कर दिए गए हैं, लेकिन कुछ शरारती बच्चे स्वयं फाटक खोलकर पानी में उतर जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की है कि नहर के संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को ऐसे खतरनाक स्थानों पर जाने से रोकें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। इस मामले में थानाध्यक्ष अंकित कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रिपुंजय मौर्या ने बताया कि तेरह चार पुल पर हर समय खतरा रहता है। विभागीय कर्मी मौजूद रहते हैं। कई बार कर्मचारी बच्चों को हटाने का प्रयास करते हैं लेकिन छोटे बच्चे अपनी आदत से बाज नहीं आते हैं। इसकी सूचना बहुआर पुलिस को दी जाएगी।
केस एक
12 जून 2025 को नारायणी गंडक नहर में डूबने से झुलनीपुर के टोला सेमरहना निवासी विशाल गुप्ता की मौत हो गई थी। वह अपने दोस्तों के साथ स्नान करने के लिए गया था।
केस 2
10 सितंबर 2025 को महाराजगंज में दो युवतियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। बताया जाता है कि दोनों तालाब में नहा रही थीं, इसी दौरान गहराई में चली गईं और डूबने से मौत है।