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महराजगंज: पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई के आदेश पर जश्न का माहौल, समर्थकों में खुशी की लहर

Fri, 25 Aug 2023 03:23 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।

सार

सियासत के जानकारों का कहना है कि  पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई से लोकसभा चुनाव में असर दिख सकता है। बता दें कि अमरमणि त्रिपाठी वर्ष 1989 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बने थे। वहीं वर्ष 2007 तक पांच बार वह नौतनवां विधानसभा के विधायक रहे हैं।
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महराजगंज में जश्न। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमिता त्रिपाठी को शासन ने रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है। यह खबर सुनकर उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

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खबर की जानकारी मिलते ही नौतनवां कस्बे में पूर्व मंत्री के आवास पर समर्थकों की भीड़ लग गई है। सभी अपने हिसाब से खुशी का इजहार कर रहे हैं। इससे महराजगंज जिले में सियासी हलचल तेज होने की संभावना बढ़ गई है।

वहीं सियासत के जानकारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में इसका असर दिख सकता है। बता दें कि अमरमणि त्रिपाठी वर्ष 1989 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बने थे। वहीं वर्ष 2007 तक पांच बार वह नौतनवां विधानसभा के विधायक रहे हैं।
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पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के भाई अजित मणि त्रिपाठी ने बताया कि रिहायी होने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि कब आना है। परिवार समेत सभी समर्थकों को रिहायी की खबर से संजीवनी मिली है।

पूर्व विधायक ने जताया विरोध
नौतनवां के पूर्व विधायक कुंवर कौशल उर्फ मुन्ना सिंह ने कहा कि भाजपा का चरित्र सभी को समझ में आ रहा है। 15 अगस्त पर मधुमिता शुक्ला के हत्यारों को छोड़ा गया। यही भाजपा का चरित्र है जो आदमी 14 साल से अस्पताल में मरीज बनकर रह रहा था, उस मरीज की चाल कल से देख लीजिएगा। क्या यह डॉक्टरों के जांच का विषय नहीं है।


 

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यह था मामला

बता दें कि करीब 20 वर्ष पहले राजधानी की पेपरमिल कॉलोनी में रहने वाली कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने अपनी जांच में अमरमणि और मधुमणि को दोषी करार देते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

बाद में इस मामले का मुकदमा देहरादून स्थानांतरित कर दिया गया था। दोनों जेल में बीते 20 वर्ष एक माह और 19 दिन से थे। उनकी आयु, जेल में बिताई गई सजा की अवधि और अच्छे जेल आचरण के दृष्टिगत बाकी बची हुई सजा को माफ कर दिया गया है।

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अमरमणि और उनकी पत्नी मधुमणि को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहा किया गया है। दरअसल, कोर्ट ने जेल में अच्छा आचरण करने वाले कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया था, जिसके बाद अमरमणि और उनकी पत्नी ने दया याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने दोनों को रिहा करने का आदेश दिया, लेकिन इसमें देरी होने लगी। इस पर अमरमणि ने अवमानना का वाद दाखिल कर दिया, जिसके बाद दोनो को रिहा करने का आदेश शासन ने जारी कर दिया।
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