फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैशलेस इलाज : जनपद के 610 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। प्रदेश सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को दिवाली से ठीक पहले पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सहूलियत श्रेणी में शामिल किया है। इसका लाभ जनपद के 610 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा।
विज्ञापन

शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के जिला संयोजक अंशुमालि ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी के बाद 1.70 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कार्मिकों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देना बड़ी उपलब्धि है। इसका सीधा लाभ जिले के भी 610 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा। जिले में प्राथमिक में 360 और माध्यमिक में 250 शिक्षणेत्तर कर्मचारी कार्यरत हैं।
इनमें परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, वित्तविहीन विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और समग्र शिक्षा परियोजना में सेवारत कर्मचारी शामिल हैं। अब तक यह सुविधा केवल शिक्षकों को मिल रही थी, अब बाबू, चतुर्थ श्रेणी और अन्य शिक्षणेत्तर स्टाफ भी इसके दायरे में आ गए हैं।
विज्ञापन



बोले कर्मचारीसरकार का सराहनीय फैसला है। अब तक शिक्षकों को ही कैशलेस इलाज मिल रहा था, हम बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वंचित थे। 5 लाख तक फ्री इलाज मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। महंगी बीमारियों में अब प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज करा सकेंगे।
- अंशुमालि दुबे, जिला संयोजक, शिक्षणेत्तर संघ
माध्यमिक में 250 शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं जो कम वेतन में काम करते हैं। बीमारी पर पूरा वेतन खर्च हो जाता था। 3000 प्रीमियम सरकार भरेगी, यह बड़ी बात है। योगी सरकार ने एडेड, वित्तविहीन और संस्कृत विद्यालयों के कर्मचारियों को भी जोड़ा जो उपलब्धि है।
- अमरेश शर्मा, महराजगंज इंटर कॉलेज
वित्तविहीन विद्यालयों के कर्मचारियों की कोई सुनने वाला नहीं था। हम भी उतनी ही मेहनत करते हैं। अब समग्र शिक्षा और वित्तविहीन के 1.22 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इम्पैनल्ड प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस सुविधा से समय पर इलाज मिलेगा, उधार नहीं करनी पड़ेगी।
- कुल भाष्कर कन्नौजिया, उदितपुर
इस योजना से डिजिटल और कैशलेस व्यवस्था होने से दलाली खत्म होगी। सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज मिलेगा। महराजगंज जैसे सीमावर्ती जिले में जहां अच्छे अस्पताल कम हैं, प्राइवेट में इलाज मिलने से हमें लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

- शरद चंद्र पांडेय, सेठ आनंद राम जयपुरिया कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें