महराजगंज। फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी कर अपने-अपने समय में तैनात बीएसए अपना दामन दागदार होने से बचा रहे हैं, लेकिन उन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी गई जो इन शिक्षकों की नियुक्ति के समय जिम्मेदार पदों पर तैनात रहे।
आखिर इन्होंने फर्जी शिक्षकों का प्रमाणपत्र सत्यापन किस तकनीकी के सहारे किया कि प्रमाणपत्र के फर्जी होने की भनक तक नहीं लगी। जिले में विभिन्न शिक्षक भर्तियों में जमकर धांधली का खेल चला।
यह विभाग के आला अधिकारियों के साथ कर्मियों की संलिप्तता के बिना संभव होना मुमकिन नहीं, लेकिन एक तरफ जहां फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षक बर्खास्त हुए और केस दर्ज हुआ, लेकिन विभागीय जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी गई।
जनपद में 2022 से अबतक कुल 17 शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे विभिन्न तिथियों में बर्खास्त हुए। नवंबर 2024 में 15 के खिलाफ सदर कोतवाली में तो एक के खिलाफ कोठीभार थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराकर जिम्मेदारों ने अपना गला बचाया। आखिरी बर्खास्तगी इसी माह सिसवां में हुई जिसपर अभी केस दर्ज होना शेष है।