महराजगंज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन विद्यार्थी कर सकें इसके लिए सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। विभाग की ओर से बोर्ड परीक्षार्थियों को माडल प्रश्नपत्र की सुविधा पहले ही दी गई है। अब काल सेंटर की व्यवस्था भी दी जाएगी जहां फोन कर विद्यार्थी विभिन्न विषयों से संबंधित जिज्ञासा का उत्तर प्राप्त कर सकेंगे। संबंधित विषयों के प्रश्नों को हल करने के लिए स्कूलों में कॉल सेंटर बनाया जाएगा। परीक्षा में छात्रों को परेशानी न हो इसके लिए शासन ने डीआईओएस से विषयवार शिक्षकों के नाम, मोबाइल नंबर और बातचीत का समय उपलब्ध कराने की सूचना मांगी है।
इस सूचना के परिप्रेक्ष्य में डीआईओएस की ओर से सभी माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों से सूचना देने के निर्देश जारी किए गये हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू हो रही हैं। परीक्षा के लिए जिले में 111 केंद्र प्रस्तावित किए गये हैं और बोर्ड से अभी आखिरी सूची नहीं आई है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में इस बार 72 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को स्कूल बंद होने के बाद किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए माध्यमिक शिक्षा सचिव ने स्कूलों में कॉल सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं।
डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की तैयारी करने में दिक्कत आती है। विद्यार्थियों के पेपर अच्छे हों और वह अधिक से अधिक अंक हासिल कर सकें, इसलिए किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। प्रधानाचार्यों से विषयवार शिक्षकों के नाम, मोबाइल नंबर और किस समय वह छात्रों से बात कर पाएंगे, इसके लिए समय का निर्धारण कर चार्ट मांगा गया है। सभी स्कूलों से चार्ट आने के बाद छात्रों की छुट्टी होने के बाद से इसे लागू कर दिया जाएगा और परिषद को इसकी सूचना भेजी जाएगी।