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Maharajganj News: हिसाब में हेरफेर कर ईंट भट्टे के मुंशी ने हड़पे 1.70 करोड़

Sun, 27 Jul 2025 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। क्षेत्र के बारातगाढ़ा गांव में एक ईंट-भट्ठे पर तैनात दो मुंशी ने हिसाब-किताब में हेरफेर कर 1.70 करोड़ रुपये हड़प लिए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर शनिवार को पुलिस ने आरोपी राणा प्रताप सिंह निवासी बारातगाड़ा टोला तमकुहवा थाना फरेंदा और चंद्रभान निवासी बरगदही कैंपियरगंज जिला गोरखपुर के खिलाफ केस दर्ज किया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में दाखिल वाद में ईंट-भट्ठा मालिक पूनम शर्मा निवासी मानकी सदन जटेपुर उत्तरी गोरखपुर ने बताया कि महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत बारातगाड़ा में ओम ट्रेडर्स के नाम से ईंट-भट्ठा है। इसकी वह खुद प्रोपराइटर भी हैं। ईंट-भट्ठे पर क्रय विक्रय के हिसाब के लिए 2017 से मुंशी के रूप में राणा प्रताप सिंह को नियुक्त किया था। इनके सहयोग के लिए चंद्रभान भी कार्य करते थे।
भट्ठे पर कार्य करने के दौरान दोनों मुंशी पर उनका काफी विश्वास रहता था। यही कारण है कि वह कई महीनों तक ईंट-भट्ठे पर नहीं जाती थीं। इसके बाद भी भट्ठे के आय व्यय में कोई अंतर नहीं रहता था। ऐसे में वह अक्तूबर 2021 में भट्ठे के कारोबार की जिम्मेदार दोनों मुंशियों पर छोड़ बेटी की शादी में व्यस्त हो गई।
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बेटी की शादी जैसे ही संपन्न हुई, वैसे ही उनके जेठ हरी प्रताप शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। फिर वह जेठ का बाम्बे और पूना से इलाज कराने में जुट गईं। दिसंबर 2023 में उनकी मृत्यु हो गई। जेठ की मृत्यु के कुछ दिन बाद जेठानी पूनम शर्मा को भी बच्चेदानी में कैंसर हो गया। उनकी भी कुछ दिन बाद मौत हो गई। इस दौरान भी वह तीन वर्षों तक ईंट-भट्ठे के कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने के लिए पूंजी लगाती रहीं।
इस बीच जब वह दोनों मुंशियों से भट्ठे के कारोबार का हिसाब मांगी तो वह रकम सुरक्षित होने की बात कहते रहे। फिलहाल इस बीच मुंशी राणा प्रताप सिंह से फोन पर बात कर आय-व्यय को रजिस्टर में दर्ज करती रही। भट्ठे के कारोबार में गड़बड़झाला की आशंका होने पर वह 27 नवंबर 2024 को पति के साथ ईंट-भट्ठे पर पहुंच गईं। इस दौरान दोनों मुंशी भट्ठे से गायब मिले।
उसके बाद वह भट्ठे के कार्यालय में पहुंची तो मेज पर कैश मेमो पर्ची को पढ़ दंग रह गई। क्योंकि कैश मेमो पर्ची पर न तो रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था और न ही जीएसटी नंबर लिखा था। ऐसे में वह अगले दिन दोनों मुंशी को आय-व्यय के हिसाब के लिए रजिस्टर लेकर जिला मुख्यालय पर बुलाई।
इस दौरान जिला मुख्यालय के प्रांगण में शाहू जी मूर्ति के नीचे बैठकर हिसाब करने लगे। आरोप है कि उस वक्त मुंशी राणा सिंह की ओर से बताया गया कि वर्ष 2021-22 में भट्ठा दो चक्कर चला। इसमें 14300000 रुपये का आय हुआ, जबकि 11228700 रुपये का व्यय हुआ, ऐसे में 3071300 रुपये बचा है। जेसीबी का भाड़ा का बचत 102300 रुपये है।
इस प्रकार उस वर्ष का कुल बचत 3173600 रुपये है। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में कुल 23920000 रुपये का आय हुआ, जबकि 16164000 रुपये व्यय हुआ। जबकि जेसीबी भाड़ा का बचत 132000 रुपये हुआ। ऐसे में कुल बचत 7888000 रुपये है। जबकि वर्ष 2023-24 में कुल आय 24200000 रुपये हुआ। जबकि व्यय 18122900 रुपये है। ऐसे में कुल 6077100 रुपये की बचत है। इन तीन वर्षों में कुल बचत 17006700 रुपये है। बचत के रुपये मांगने पर दोनों मुंशी उन्हें अपशब्द बोलने लगे।
इतना ही नहीं आय व्यय का रजिस्टर भी मुंशी ले लिए। फिर दोनों मुंशी उन्हें जानमाल की धमकी देने लगे। वहीं घटना की जानकारी उन्होंने तत्काल पुलिस को दी, लेकिन पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ली। इस संबंध में सदर कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय के अनुसार, मामले में न्यायालय के आदेश पर आरोपी राणा प्रताप सिंह निवासी बारातगाड़ा टोला तमकुहवा थाना फरेंदा और चंद्रभान निवासी बरगदही कैंपियरगंज जिला गोरखपुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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