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Maharajganj News: नेपाल के कॉस्मेटिक उत्पाद भारतीय क्षेत्र में बेच मुनाफा कमा रहे धंधेबाज

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दोनों देशों के बीच रुपये के अंतर का फायदा उठा रहे हैं धंधेबाज
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बॉर्डर एरिया में फेरी लगाकर गांव में कॉस्मेटिक सामान बेच रही हैं महिलाएं
नेपाली प्रिंट रेट से भारतीय रेट में बिक जाते हैं कॉस्मेटिक सामान, करोड़ों के धंधे में तस्कर मालामाल
महराजगंज। नेपाल से कॉस्मेटिक सामान सरहद पार कर लाए जा रहे हैं। यही नहीं धंधेबाज मुनाफे के चक्कर में गोरखपुर सहित आसपास के जिलों के बाजारों में पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा बॉर्डर एरिया में फेरी लगाकर गांव में भी कॉस्मेटिक सामान बेचे जा रहे हैं। भारतीय रुपये के मुकाबले कमजोर नेपाली रुपये के बीच के अंतर का लाभ तस्कर उठा रहे हैं। उत्पाद पर मौजूद नेपाली प्रिंट रेट को भारतीय रुपये में बेचा जा रहा है। बीते दिन कॉस्मेटिक सामान की बरामदगी हुई है।
नेपाली 100 रुपये भारती के 62.50 रुपये के बराबर होता है। नेपाल के कॉस्मेटिक उत्पादों पर मौजूद प्रिंट रेट को तस्कर भारत में लाकर उसे बेच रहे हैं। दोनों रुपयों के बीच का अंतर यानी 37.50 रुपये की दर से मुनाफा कमा रहे हैं। नेपाल और भारतीय क्षेत्र में एक हीं कंपनियां अपना कारोबार करती हैं। ऐसे में कोई समझ नहीं पाता है। धंधेबाज इसका फायदा उठाते हैं। अगर नेपाल से 87 रुपये नेपाली मुद्रा में टूथपेस्ट खरीद कर कोई भारतीय क्षेत्र में लाकर बिक्री करें तो यहां भी वह 87 रुपये भारतीय लेकर ही सामान देगा। यानी सीधे तौर पर उसको फायदा हो जाएगा। अगर अधिक मात्रा में बिक्री हुई तो उसी हिसाब से फायदा होगा।
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सूत्रों की मानें तो नेपाल में टूथपेस्ट थोक भाव में खरीदने पर 50 रुपये भारत में मिल जाता है। सरहद पार होते ही यह 100 रुपये में बिक जाता है। क्योंकि इस पर मूल्य प्रिंट 100 रुपये रहता है। आम तौर पर उपभोक्ता ध्यान नहीं देते कि उत्पाद पर नेपाली सौ रुपये लिखा है या भारतीय। दोनों देशों के रुपये के बीच अंतर से व्यापारी को करीब डबल का मुनाफा हो जाता है। नेपाल निर्मित कॉस्मेटिक उत्पादों के साथ ही बाजार में टूथपेस्ट की भी भरमार है। मोटा मुनाफा के चक्कर में कैरियरों के जरिए इसे मंगाया जा रहा है और भारत के महानगर गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर तक सप्लाई की जा रही है।
दोनों देशों में उत्पादों की एक जैसी पैकेजिंग
एक जैसे सामानों पर एक ही कंपनी के मेड इन नेपाल होने से ग्राहक इसे समझ नहीं पाते और बाजार में नेपाली प्रोडक्ट आसानी से खप जा रहा है। बॉर्डर एरिया में कॉस्मेटिक सामान हितोंडा, बिराटनगर, बीरगंज, काठमांडो और भैरहवा से लाकर खापाया जा रहा है। नेपाली मूल की महिलाएं सीमावर्ती इलाकों में लाकर फुटकर में सामान बेच रही हैं। टूथपेस्ट से लेकर शैंपू, साबुन, मसाला, पाउडर, सौंदर्य प्रसाधन के तमाम ब्रांड के क्रीम आदि शामिल हैं। हैरानी वाली बात तो यह है कि इन सामानों में नकली से लेकर असली भी शामिल हैं। कैरियर भारत-नेपाल की खुली 84 किलोमीटर की सीमा का फायदा उठाते हुए पगडंडियों के रास्ते पहले इन सामान को बॉर्डर पार कराकर सोनौली, कोल्हुई, ठूठीबारी, बरगदवा, भगवानपुर, परसामलिक आदि क्षेत्र में एकत्र कर उसे गोरखपुर मंडी में पहुंचाया जाता है। यहां से आगे जरूरत के अनुसार भेजा जाता है। काॅस्मेटिक सामान को आसानी से खपाने की एक सबसे बड़ी खास वजह यह भी है कि इनकी पहचान करना बेहद मुश्किल है। क्योंकि यह सामान के पैकेजिंग दोनों देशों में एक जैसी ही है। पैकिंग के पीछे काफी ध्यान से देखने पर पता चलेगा कि उत्पाद मेड इन नेपाल है या नहीं।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि इन दिनों सख्ती बरती जा रही है। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। सीमावर्ती थानों को सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
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भारत में इम्पोर्ट ड्यूटी 18 प्रतिशत
कस्टम हाउस एजेंट संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल से भारत लाए जाने वाले कास्मेटिक व टूथपेस्ट का भारत में इम्पोर्ट ड्यूटी 18 प्रतिशत है। जिन कंपनियों ने नेपाल में अपना प्लांट लगाया है। वही भारत में भी प्लांट लगाकर काम रहे हैं तो उस सामान को भारत में नहीं लाया जा सकता है। भारतीय क्षेत्र में कमी होने पर उसे नियम के मुताबिक 18 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी जमाकर भारत में संबंधित कंपनी की ओर से मंगाया जा सकता है। इसके अलावा अन्य कोई नहीं मंगा सकता है।

रेट एक नजर में:
टूथपेस्ट (100 ग्राम) एमआरपी 87 खरीद 70 रुपये नेपाली

क्रीम एमआरपी 85 खरीद 70 रुपये नेपाली

पाउडर एमआरपी 147 खरीद 100 रुपये नेपाली

सेम्पू एमआरपी 530 खरीद 430 रुपये नेपाली
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