महराजगंज/निचलौल। गेहूं खरीद कर अवैध भंडारण के खेल में धंधेबाज मालामाल हो रहे हैं। धंधेबाज समर्थन मूल्य से अधिक रकम देकर किसानों से सीधे गेहूं खरीद कर गोदामों में डंप कर दिया गया।
कुछ धंधेबाज चोरी छिपे गेहूं को बड़े मंडियों में भी भेज मालामाल हो रहे हैं। हालांकि इस पर सख्ती बरतते हुए कार्रवाई भी की गई है, लेकिन वह महज खानापूर्ति तक समिति है। क्योंकि अब तक जिम्मेदारों की ओर से छह वाहनों और एक प्रतिष्ठान में डंप वाहनों से 253 क्विंटल गेहूं बरामद कर 94210 रुपया शमन शुल्क की वसूली की गई।
जानकारी के मुताबिक, इस बार किसानों से गेहूं खरीद के लिए सरकार की ओर से 2425 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इतना ही नहीं सरकार की ओर से गेहूं की कटाई छनाई के लिए 20 रुपये अतिरिक्त प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। फिर भी क्षेत्र में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंच पा रही है।
इसके चलते अधिकांश क्रय केंद्र इन दिनों बंद के कगार में आ गए हैं। हालांकि क्रय केंद्र संचालकों की ओर से गेहूं खरीद के लिए किसानों के दरवाजे तक पहुंचा जा रहा है। जहां पर पता चल रहा है कि किसान समर्थन मूल्य से अधिक मूल्य दरवाजे पर ही पाकर गेहूं पहले ही तौल करा चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक धंधेबाज समर्थन मूल्य से 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मूल्य देकर किसानों के दरवाजे से ही गेहूं की खरीद कर गोदामों में डंप कर लिया है। इतना ही नहीं चोरी छिपे गेहूं को धंधेबाज पश्चिम बंगला सहित अन्य बड़े प्रदेशों की मंडियों में गेहूं भेज रहे हैं, हालांकि जिम्मेदारों की सजगता के चलते धंधेबाजों के कुछ खेप पकड़ में आ चुके हैं, लेकिन धंधेबाज गेहूं खरीद के खेल में खूब मालामाल हो रहे है।
विपणन निरीक्षक पंकज सिंह ने कहा कि उन्हें गेहूं खरीद के लिए दो क्रय केंद्र पर 8000 का लक्ष्य दिया गया है। अब तक वह 5400 क्विंटल गेहूं खरीद कर चुके हैं।