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Maharajganj News: चाइनीज लहसुन देशी में मिलाकर धंधेबाज कमा रहे मोटा मुनाफा

Thu, 12 Dec 2024 12:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। भारत-नेपाल बार्डर पर बीते दिनों चाइनीज लहसुन का धंधा काफी कम हो गया था। लेकिन, इन दिनों चाइनीज लहसुन का धंधे ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है। इसका खुलासा थाना क्षेत्र में चाइनीज लहसुन की बरामदगी से हो रहा है। धंधेबाज चाइनीज लहसुन को आसानी से भारतीय लहसुन में मिलाकर बाजारों में बेच रहे हैं। हालांकि इससे लोगों की सेहत को खतरा है। लेकिन, धंधेबाजों की इससे मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, भारतीय बाजारों में बिकने वाले देशी लहसुन में भी चाइनीज लहसुन का मिलावट की जा रही है। वहीं लोगों को यह पता भी नहीं है, कि वो लोग देशी लहसुन खा रहे हैं, की चाइनीज लहसुन। हालांकि जहां देशी लहसुन लोगों के सेहत के लिए फायदेमंद है, वहीं चाइनीज लहसुन नुकसानदायक है। सूत्रों के मुताबिक, चाइनीज लहसुन भी देशी लहसुन के जैसा ही होता है। इसका फायदा उठाकर धंधेबाज देशी लहसुन में चाइनीज लहसुन की मिलावट कर दे रहे है। धंधेबाजों को लोगों की सेहत के फायदे और नुकसान से कोई मतलब नहीं है। केवल उन्हें मोटी रकम हासिल करना है।

सूत्रों के मुताबिक, चाइनीज लहसुन में फंगस होने की काफी ज्यादा आशंका रहती है। इतना ही नहीं इसमें उच्च मात्रा में कीटनाशक भी होता है। यही कारण था, कि भारत सरकार ने साल 2014 में इस लहसुन के आयात पर पूर्ण रूप से बैन लगाया था। बीते दिनों भारत नेपाल सरहद और सीमावर्ती क्षेत्रों में बरामद चाइनीज लहसुन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हो गई थी। जिसके चलते चाइनीज लहसुन का धंधा काफी कम हो चुका था। लेकिन, एक बार फिर से इन दिनों चाइनीज लहसुन को लेकर धंधेबाज काफी सक्रिय हो गए है। इसका खुलासा क्षेत्र में लगातार हो रही बरामदगी से हो रही है।
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सावधान रहने की है जरूरत
कृषि विज्ञान केंद्र वसुली के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि ज्यादा पैदावार के लिए फल-सब्जियों में हानिकारक केमिकल्स का उपयोग किया जा रहा है। मिलावट के दौर में बाजारों में चाइनीज लहसुन भी है। चाइनीज लहसुन को भारत में बैन किया जा चुका है। इसमें कई तरह के हानिकारक केमिकल्स का उपयोग किया जाता है। सबसे अहम बात ये है, कि चाइनीज लहसुन को उगाने में मेटल, लेड और क्लोरीन का उपयोग किया जाता है। ऐसे में आपको सावधान रहने की जरूरत है।



ऐसे करें चाइनीज लहसुन की पहचान
कृषि वैज्ञानिक ने कहा की बाजारों में लहसुन की खरीदारी करते वक्त आप कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए चाइनीज और देशी लहसुन की पहचान कर सकते हैं। सबसे पहली बात बाजारों में ज्यादा सफेद और मोटा लहसुन बिक रहा हो तो उसे खरीदने से बचें। क्योंकि देसी लहसुन की कलियां थोड़ी छोटी होती हैं और इनमें दाग-धब्बे भी नजर आते हैं। छिलका उतना सफेद नहीं होता है। लहसुन बिल्कुल सफेद हो तो ये चाइनीज लहसुन हो सकता है।

नेपाल के रास्ते आ रहा चाइनीज लहसुन
सूत्रों की मानें तो जिले के कनमिसवा, बहुआर, झुलनीपुर, रेंगहिया, शीतलापुर, लक्ष्मीपुर, ठूठीबारी, रामनगर, बरगदवा सहित अन्य पगडंडी रास्तों से चाइनीज लहसुन की तस्करी के मामलों में इजाफा हुआ है। हालांकि मुखबिर की सूचना पर चाइनीज लहसुन को बरामद कर धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।


दोगुनी हो गई हैं कीमतें
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चाइनीज लहसुन नेपाल में 80 से 90 रुपये में प्रतिकिलो आसानी से मिल जाता है। जबकि भारतीय लहसुन का कीमत लगभग 250 से 300 रुपये प्रति किलो के बीच है। ऐसे में तस्कर चाइनीज लहसुन की खेप को सरहद पार कर भारतीय बाजारों में मिलावट कर बेच मोटी रकम कमा रहे हैं।


बगैर लहसुन उत्पादन के कट रहा मंडी गेट पास
नवीन मंडी निचलौल कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में बगैर लहसुन उत्पादन के ही तीन से चार व्यापारियों की ओर से ऑनलाइन मंडी गेट पास कर बड़े बाजारों पर लहसुन की खेप को प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के बड़े मंडियों में भेजा जा रहा है। निचलौल मंडी सचिव आशीष नायक ने कहा की सूचना के आधार पर वाहनों को पकड़कर कार्रवाई की जाती है।
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