महराजगंज। गेहूं की कटाई तेज हो गई है। तस्कर अपना नेटवर्क गांव में मजबूत कर लिए हैं। खेत से ही गेहूं खरीद ले रहे हैं। इसमें किसानों का ढुलाई का खर्चा भी बच जा रहा है। ज्यादातर जगहों पर कटाई शुरू नहीं हुई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में फसल की कटाई शुरू है,। उन क्षेत्रों में तस्करों को नेटवर्क सक्रिय है। खरीदारी कर उसे एकत्र करने में जुटे हैं। मौका मिलने के बाद उसे नेपाल पहुंचा दिया जाएगा।
सीमावर्ती इलाकों में समय-समय पर तस्करी का ट्रेंड बदलता रहता है। नेपाल में जिन चीजों की मांग अधिक होती है, उसी की तस्करी शुरू हो जाती है। अब गेहूं की कटाई शुरू हो गई है तो तस्कर पहले से ही गेहूं सीमा पार करने में जुट गए हैं। अभी सीमावर्ती इलाकों में इसकी खरीददारी 2300 -2400 में हो रही है। जो नेपाल पहुंच कर 3500 में बिक जाता है। सरकारी क्रय केंद्र पर रेट प्रति क्विंटल 2425 रुपये है।
धंधेबाज इसका फायदा उठा रहे हैं। वे किसानों को सरकारी क्रय केंद्र में होने वाली समस्याओं को बताकर गुमराह करते हैं। किसान भी आसानी से रकम खेत में ही पा जाने के कारण धंधेबाजों को गेहूं देते हैं। मौसम के अनुसार गेहूं की कटाई शुरू होते ही तस्करों का ध्यान कृषि से जुड़ी वस्तुओं की ओर केंद्रित हो गया है। हर बार ऐसा होता रहा है। फसल की कटाई के वक्त तस्कर खेत से ही गेहूं उठा लेते हैं।
झुलनीपुर, ठूठीबारी, परसा मलिक, सोनौली और नौतनवा के सीमावर्ती इलाके से सटे क्षेत्र में धंधेबाज सक्रिय हैं। सूत्रों की माने तो पूरा नेटवर्क बहुत सफाई से काम कर रहा है। धंधेबाज किसानों से बातचीत कर उनको एडवांस में रकम दे रहे हैं। जिन किसानों के फसल की कटाई नहीं हुई है। उनको जरूरत के अनुसार धंधेबाज पहले की रकम देकर व्यवस्था बना रहे हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष नजर रखी जा रही है। अगर ऐसा है ताे जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।