परसामलिक। ग्राम पंचायत जिगिना के ग्रामीणों ने भैंसा की हत्या के मामले में पुलिस की भूमिका की जांच और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर गंगापुर चौराहे पर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को स्थगित कर दिया। धरनास्थल पर पहुंचे एसओ परसामलिक विवेक कुमार सिंह के आश्वासन और क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह के फोन पर दिए भरोसे के बाद ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, ग्रामसभा जिगिना में एक छुट्टा भैंसा घूम रहा था। आरोप है कि अगस्त में गंगवलिया के चार नामजद और 10 अज्ञात लोगों ने भैंसे को लाठी-डंडे और धारदार हथियार से मार डाला। आरोप यह भी है कि साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को गायब कर दिया गया।
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर श्रीराम समेत कुछ ग्रामीणों ने 19 अगस्त को परसामलिक पुलिस को तहरीर दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज ग्रामीणों ने रविवार से गंगापुर चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था।
सोमवार को धरनास्थल पर पहुंचे एसओ विवेक कुमार सिंह ने ग्रामीणों को पूरे मामले की दोबारा जांच कराने का आश्वासन दिया। वहीं, क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने फोन पर आश्वस्त किया कि प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना स्थगित कर दिया।
एसओ परसामलिक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की दोबारा जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धरने में शिवेंद्र यादव, राजेश सिंह, राजेश यादव, इंसान अली, राजमंगल, योगेंद्र यादव, रामलखन, पदारथ प्रसाद, अशोक यादव और साधु यादव समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।