सोनौली। ब्राजील के मक्के को बड़े पैमाने पर तस्करी कर नेपाल राष्ट्र के रास्ते भारत में लाया जा रहा है। सरहद पर यह काम कैरियर और पिकअप की मदद किया जा रहा है। प्रतिदिन पिकअप ब्राजील के मक्के की खेप नेपाल से भारत पहुंच रही है। नेपाल में जहां ब्राजील के मक्के की कीमत वर्तमान में 15 से 20 रुपये प्रति किलो है। वहीं भारतीय इलाके में पहुंचते ही इस मक्के की कीमत 40 से 50 से रुपये प्रति किलो हो जाती है।
सूत्रों की माने तो सीमावर्ती गांव में तस्करों ने अवैध गोदाम बना रखे हैं, जहां नेपाल से साइकिल और बाइक से लाकर मक्का डंप किया जाता है। यहां से इसे बड़े वाहनों पर लोडकर गोरखपुर और कानपुर मंडियों में भेज दिया जाता है। मंडी में पहुंचने पर ब्राजील के मक्के की पहचान संभव नहीं हो पाती है, जिसके कारण यह आसानी से खप जाता है। बरामदगी बता रही है कि भारत-नेपाल सरहद पर इन दिनों धंधेबाज ब्राजील के मक्के को नेपाल से भारतीय इलाकों में पहुंचा रहे हैं। बाॅर्डर पर इस धंधे को कैरियर और पिकअप की मदद से अंजाम दिया जा रहा है। दिखने में आकर्षक और सस्ते होने के कारण ब्राजील के मक्कों को भारत में तस्करी के जरिए मंगवाया जा रहा है। सोशल मीडिया सहित अन्य ऑनलाइन एप के जरिए इसकी ब्रिकी ब्राजील के मक्का और बीज की बिक्री कई नामों से की जा रही है। भारत और नेपाल के बाजारों में खाद्य सामग्री के मूल्य में लगातार उतार चढ़ाव होता रहता है। इस पर दोनों देशों में बैठे धंधेबाजों की नजर बनी रहती है। ब्राजील के मक्के से आटा, तेल, पशु आहार, पॉपकार्न सहित कई प्रमुख उत्पादन तैयार होते हैं। इसके कारण ब्राजील के मक्के की भारत में ज्यादा डिमांड है।
नौतनवा क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम ने बताया कि सीमा क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
खुली सीमा का फायदा उठाते हैं तस्कर
जनपद की खुली 84 किलोमीटर की खुली सीमा पर तस्करों ने अपना नेटवर्क बना रखा है। जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र से लेकर झुलनीपुर तक कई पगडंडी रास्ते हैं। सूत्रों की मानें तो सोनौली कोतवाली के फरेंदी तिवारी, तिलहवा, खनुवा, श्यामकाट, भगवानपुर, जोगियाबारी, सुंडी, बरगदवा, परसा मलिक, ठूठीबारी आदि पगडंडी से बड़े पैमाने पर साइकिल बाइक से भारत में तस्करी का सामान लाया जा है।