महराजगंज। सोनौली थाना क्षेत्र में नेपाल की ओर से भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले ब्राजील के नागरिक जोकिम डाॅस सैंटोस नेटो को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश यादव की न्यायालय ने दोषी पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे अतिरिक्त एक माह का कारावास भुगतना होगा।
पत्रावली के अनुसार, घटना आठ अक्तूबर 2024 की है जब सोनौली पुलिस को सूचना मिली कि नेपाल सीमा के डंडा हेड क्षेत्र से एक संदिग्ध विदेशी नागरिक भारत की ओर आता दिखा है। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम जोकिम डाॅस सैंटोस नेटो पुत्र वल्टेसी मदुरेइरा सिलवा सैंंटोस बताया। पूछताछ में उसने बताया कि वह ब्राजील के रियो डी जनेरियो शहर के मेन स्ट्रीट रुआ रेमिरो इलाके का निवासी है और नेपाल घूमने आया था।
जांच के दौरान जब पुलिस ने उसके दस्तावेज की जांच की तो पता चला कि उसके पास भारत में प्रवेश करने का कोई वैध वीजा या अनुमति पत्र नहीं है। इस पर पुलिस ने विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। बाद में जांच पूरी कर पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रविंद्र कुमार दिवाकर ने अदालत में साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। पुलिस अधिकारियों की गवाही और दस्तावेजी प्रमाणों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपित ने जानबूझकर भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया था। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी पर्यटक के रूप में नेपाल आया था और गलती से सीमा पार कर भारत की ओर आ गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य ठोस और विश्वसनीय हैं। अदालत ने माना कि आरोपी का भारत में प्रवेश बिना वीजा और अनुमति के हुआ।