सीमावर्ती इलाकों से लेकर संदिग्ध जगहों पर पुलिस की निगरानी हुई तेज, सीसीटीवी कैमरे और पुलिस की रात्रि गश्त ने तस्करों की बढ़ाई मुसीबत
महराजगंज। भारत-नेपाल बॉर्डर पर इन दिनों हाई अलर्ट के चलते तस्करों का सिंडिकेट कमजोर हुआ है। सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ने के साथ ही कंट्रोल रूम से पगडंडियों के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से तस्करी का खेल नहीं हो पा रहा है। हालांकि, सख्ती के चलते कुछ तस्करों ने अपना तरीका बदल दिया है। ऐसे में अब मौके मिलने पर ही कुछ सामान सरहद पार हो पा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बाॅर्डर पर सख्ती बढ़ने के बाद से सबसे अधिक नशे की डोज लेने वाले शख्स परेशान हैं। नशीली दवाएं अब सरहद पार नहीं हो पाने से नशे की खुराक के लिए नेपाली नशेड़ियों को सरहद से करीब आठ-दस किमी दूर भारतीय सीमा क्षेत्र में आना पड़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ पुलिस का जिले के 84 किमी सीमा के मुख्य और पगडंडियों पर कड़ी नजर है। कुछ दिन पहले जिले के नौतनवां, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसा मलिक, ठूठीबारी और निचलौल थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से अवैध सामानों की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही थी, लेकिन कुछ दिनों से पुलिस तस्करों का सिंडिकेट तोड़ने में सफल साबित हुई है।
पुलिस सीमावर्ती क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के साथ ही रात्रि गश्त भी बढ़ा दी। ऐसे में अब पुलिस टीम तस्करी की अवैध सामानों को बरामद करने के साथ ही आरोपियों को भी गिरफ्तारी कर ले रही है। इसका असर सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करों के बीच हलचल से देखा जा सकता है। सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों की मदद से बाॅर्डर की अधिकांश पगडंडियों पर पुलिस हर वक्त निगाह रख रही है। माना जाता है कि तस्कर भारत और नेपाल राष्ट्र के बाजारों को तुलना कर सामान की तस्करी करते हैं। इससे उन्हें कम खर्च में मोटा मुनाफा होता है। बाॅर्डर पर दोनों देशों के तस्करों के इस करतूत को बढ़ावा देने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं का टोली और महिलाएं मददगार बनती है। यही कारण है कि बाॅर्डर से अवैध सामानों की तस्करी के साथ ही घुसपैठ करने की आशंका बनी रहती है। फिलहाल इन दिनों पुलिस भी लगातार तस्करी करने वाले गिरोह और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उनके सिंडिकेट को तोड़ने में जुटी हुई है।
सरहद के इन जगहों से अधिकांश होती है तस्करी
सूत्रों के मुताबिक भारत-नेपाल बाॅर्डर के सीमावर्ती गांव पथलहवा, कनमिसवा, रेंगहिया, चालीस कड़िया, शीतलापुर, लक्ष्मीपुर, रामनगर, हरदीडाली के मुर्दहिया घाट, त्रिलोकपुर घाट, कैथवलिया उर्फ बरगदही घाट, कोमरिया घाट, खनुआ, परसिया घाट, सुंडी घाट, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, नौड़िहवा घाट, बैरिहवा के पोस्ट मास्टर टोला घाट, रजिया घाट, शेख फरेंदा, केवटलिया, फरेंदी तिवारी गांव के तिलहवा घाट, डांडा हेड , भगवानपुर, रेहरा, रधुनाथपुर, श्यामकाट, पिपरहिया, सेवतरी, छपवा, मुड़िला, पिपरहवा घाट, चंडीथान, बैरिया बाजार, कुरहवाखुर्द के पास पगडंडियों से होकर तस्कर आसानी से अपने मकसद में सफल हो जा रहे हैं।
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सरहद से सटे गांवों में चौपाल भी लगा रही पुलिस
भारत-नेपाल बॉर्डर पर तत्परता बरतने के साथ ही आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर पुलिस लगातार नेपाल राष्ट्र के सुरक्षाकर्मियों के साथ बॉर्डर पर गश्त कर रही है। इस दौरान पुलिस बॉर्डर से सटे लोगों को जागरूक कर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपील कर बता रही है कि अगर बॉर्डर पर कोई संदिग्ध दिखाई दे या अपराध हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके अलावा भी पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है।
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संयुक्त गश्त के साथ सीसीटीवी से लगातार निगरानी भी की जा रही है। कहीं कोई संदिग्ध स्थिति आने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। खासकर पगडंडियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सोमेंद्र मीणा, पुलिस अधीक्षक