लोकसभा चुनाव में जीत के बाद समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री
महराजगंज। भाजपा के गढ़ कहे जाने वाले महराजगंज में एक बार फिर कमल खिल गया है। भाजपा लगातार नौवीं बार अपने गढ़ में पंकज चौधरी पर विश्वास जताकर यहां कमल खिलाने में सफल रही है। भाजपा के गढ़ में पंकज के खिलाफ पिछड़ा कार्ड खेल कर इंडिया गठबंधन ने कांटे की टक्कर तो दी लेकिन अंत में पंकज चौधरी जीत दर्जकर अपना गढ़ बचाने में सफल रहें।
18वीं लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में हुए मतदान में भाजपा प्रत्याशी पंकज चौधरी लगातार सातवीं बार जीत दर्जकर इतिहास रच दिया। पहले चरण की गणना में 1569 मतों की अजेय बढ़त के साथ भाजपा प्रत्याशी पंकज चौधरी हर चक्र में अपने जीत के अंतर को बड़ा करते हुए अंततः मतों से जीत दर्ज की।
भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आमजन भी जीत का जमकर जश्न मना रही है। बतादें कि गोरखपुर नगर निगम में पार्षद के रूप में अपनी राजनीतिक सफर शुरु करने वाले पंकज चौधरी 1991 में पहली बार महराजगंज के सांसद बने और लगातार तीन जीत के साथ हैट्रिक लगाई। 1999 में सपा के कुंवर अखिलेश ने भाजपा के विजय रथ को थाम लिया, लेकिन 2004 के चुनाव में पंकज ने फिर वापसी करते हुए चौथी बार सांसद बने। 2009 के चुनाव में कांग्रेस की लहर में भाजपा का यह किला ढह गया और हर्षवर्धन सिंह ने उन्हें शिकस्त दी।
यह पहला चुनाव था, जब भाजपा यहां हार के साथ तीसरे स्थान पर भी चली गई थी, लेकिन 2014 के चुनाव में मोदी लहर के साथ भाजपा ने एक बार फिर महराजगंज में केसरिया लहराया और 5वीं बार पंकज चौधरी सांसद चुने गए। इस बार उन्हें करीब 471542 मत मिले। बीएसपी के काशीनाथ को 240458 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी। वर्ष 2019 में पंकज चौधरी ने छठवीं बार जीत दर्ज करते हुए सपा के कुंवर अखिलेश सिंह को करीब 3.40 लाख मतों से हराया। वर्ष 2024 के आम चुनाव में नौवीं बार पंकज चौधरी पर भाजपा ने भरोसा जताया तो पंकज चौधरी ने सातवीं जीत के साथ पार्टी के भरोसे को कायम रखा।