महराजगंज। इस बार जनादेश हर बार से अलग रहा। जिले के वीआईपी बूथों पर दिग्गजों को एक-एक वोट के लिए संघर्ष करना पड़ा। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री के बूथ पर कांग्रेस को अधिक वोट मिले। यहां कांग्रेस की सेंधमारी ने भाजपा को मुश्किल में डाल दिया था। यही हाल सदर विधायक के बूथ पर रहा। यहां भी कांग्रेस को अधिक वोट मिला हैं। सबसे ज्यादा वोट कांग्रेस प्रत्याशी को अपने बूथ पर मिला है। यहां तो अन्य दलों को जनता ने कम तरजीह दी है। पूर्व चेयरमैन ने अपनी लाज बचा ली है।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के बूथ संख्या 202 पर भाजपा को कम मत मिले। यहां भाजपा 268 बसपा को सात और कांग्रेस को 423 मत मिले हैं। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री को अपने ही बूथ पर कम वोट मिले। यहां कांग्रेस प्रत्याशी ने सेंधमारी कर दी। कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी को 155 वोट ज्यादा मिले हैं। पूर्व चेयरमैन कृष्णगोपाल जायसवाल के बूथ संख्या 167 पर भाजपा को अधिक वोट मिले हैं। यहां भाजपा 307, कांग्रेस 188 और बसपा को दो वोट मिले हैं। सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया के बूथ संख्या 194 पर भाजपा को कम वोट मिले हैं।
यहां भी कांग्रेस ने सेंधमारी कर दी। यहां भाजपा 162 वोट, कांग्रेस 196 और बसपा को दो मत मिले हैं। सदर विधायक के बूथ पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह के बूथ संख्या 366 पर भाजपा को अधिक मत मिले हैं। यहां पर 283 वोट भाजपा, 11 बसपा एवं 96 कांग्रेस को मिले हैं। कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी चुनाव हार कर भी अपना बूथ जीत गए हैं। उनके बूथ पर उन्हें बंपर वोट मिले हैं। यहां तो भाजपा को बहुत कम वोट मिले हैं। बूथ संख्या 157 कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी का बूथ है। यहां कांग्रेस को 601 वोट मिले हैं। भाजपा को 18 वोट मिले हैं। वहीं बसपा को 25 वोट मिले हैं। इस बूथ पर भाजपा से ज्यादा बसपा को वोट मिले हैं। तीनों प्रत्याशियों को अपने-अपने बूथ पर मिले वोटों पर नजर डाले तो कांग्रेस प्रत्याशी सबसे ऊपर हैं। उन्हें चुनाव में जीत नहीं मिली, लेकिन अपने बूथ पर सर्वाधिक वोट पाने का रिकार्ड है।