महराजगंज। बिजली निगम के अधिशासी अभियंता ई. चंद्रेश उपाध्याय ने 137 उपभोक्ताओं को एक जैसा बिल भेजने के आरोप में बिलिंग एजेंट को बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में बिलिंग एजेंट प्रदीप साहनी को दोषी पाया गया है।
साथ ही निगरानी में चूक पर सुपरवाइजर अखिलेश कुमार को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है। उन्हें स्पष्ट किया गया है कि यदि दोबारा ऐसी लापरवाही सामने आई तो केस दर्ज कर वेतन से वसूली की जाएगी। विद्युत वितरण खंड द्वितीय आनंदनगर के पनियरा क्षेत्र में बिना उपभोक्ताओं के घर गए बिल जारी करने का मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, यह मामला जुलाई माह का है। मीटर रीडर प्रदीप साहनी ने पनियरा क्षेत्र में 137 उपभोक्ताओं का बिजली बिल तैयार कर दिया। जांच में यह सामने आया कि उसने घर-घर जाकर रीडिंग लेने के बजाय एक ही पुराने मीटर डेटा को सब पर लागू कर दिया। सभी उपभोक्ताओं के बिलों में एक जैसी रीडिंग दर्शाई गई थी। मीटर रीडर ने पुराने डेटा का उपयोग कर डिजिटल प्रणाली में बिल दर्ज किए और उपभोक्ताओं को असल खपत के मुकाबले गलत बिल थमा दिया। इसे विभागीय नियमों का घोर उल्लंघन माना गया है।
अधिशासी अभियंता ई. चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभागीय नियमों और ईमानदारी से ड्यूटी निभाना सभी कर्मियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे किसी भी मामले को लेकर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।