बिना कनेक्शन विद्युत बिल आने पर भड़के लोग
निचलौल। क्षेत्र के गांव बलहिखोर में दर्जनों ग्रामीणों के नाम से बिना बिजली कनेक्शन लिए बिल मिलने पर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की लेकिन इसे अनदेखा कर दिया गया। इस बात से नाराज लोगों ने संपूर्ण समाधान दिवस पर तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया। कुछ लोगों के समझाने बुझाने के बाद लोग शांत हुए। उपजिलाधिकारी सत्यम मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे वीरेंद्र, अनिरुद्ध, राजेंद्र, नरेश, रीता, कोदई, गिरजा सहित आदि लोगों ने बताया कि दलित बस्ती में बीते वर्ष कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जहां घरों में मीटर लगा कर छोड़ दिया गया। जब एक वर्ष बाद बिजली बिल आया तो उसे सुधार कराने के लिए तीन माह से अधिकारियों के चक्कर लोग लगा रहे हैं। लोगों ने कहा कि बिना बिजली के इस्तेमाल के बिजली बिल भेजा जा रहा है। जबकि पोल से तार नहीं जोड़े गए हैं। ऐसे में बिजली बिल भेजा जाना समझ से परे हैे।
हाईटेंशन तार हटाने को चला अभियान
पनियरा। सरकारी विद्यालयों व अन्य सार्वजनिक जगहों से गुजरने वाले हाईटेंशन तार हटाने के लिए पनियरा जेई कमलेश कुमार तथा मुजुरी जेई अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। इस दौरान पनियरा में राजकीय इंटर कालेज, प्राथमिक विद्यालय बडवार, प्राथमिक विद्यालय कनैला, पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा खुर्द, प्राथमिक विद्यालय लाला बड़हरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गांगी बाजार, प्राथमिक विद्यालय डोमरा, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय पनियरा आदि सरकारी विद्यालयों तथा सार्वजनिक जगहों पर लगें जर्जर तारों को हटाने लिए चिन्हित किया गया है। इस संबंध में अधिशाषी अभियंता आनंदनगर आर के गौतम ने बताया कि सरकारी विद्यालयों के भवनों के ऊपर गुजरने वाले हाईटेंशन तार को हटाने तथा सार्वजनिक जगहों पर लगे जर्जर तार व खंभों को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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विद्युत निगम के कर्मचारियों का धरना जारी
फोटो:-
- निलंबन को वापस लेने की मांग को लेकर जूनियर इंजीनियर दे रहे धरना
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। राज्य विद्युत परिषद के जूनियर इंजीनियर संगठन द्वारा अधिशासी अभियंता कार्यालय पर दिया जा रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा। जूनियर इंजीनियरों ने आनंदनगर क्षेत्र में हुई घटना के बाद अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
संगठन के मंडल अध्यक्ष इंजीनियर कृष्णानंद ने कहा कि आनंदनगर क्षेत्र में हुई घटना के बाद विद्युत परीक्षण खंड महराजगंज के तीन अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। जबकि वास्तविकता में तकनीकी उपकरणों में अचानक आई खराबी के कारण यह हादसा हुआ है। जांच में सही कमियों को छुपाने के लिए एक तरफा कार्रवाई की गई है। जिससे संगठन में आक्रोश है।
जिला सचिव तुषार सिंह ने कहा कि विद्युत वितरण प्रणाली सुधार के लिए अभियंताओं द्वारा संवेदनशील जर्जर लाइनों एवं आवश्यक सामग्री का इस्टीमेट समय- समय पर प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन विद्युत निगम की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इतना ही नहीं कोई भी घटना होती है तो अवर अभियंता को दोषी मानते हुए कार्रवाई कर दी जाती है। संगठन की ओर से शुरू से ही निगम को गड़बड़ी की जानकारी दी जाती है। इतना ही नहीं कमियों को दूर कराने के लिए निगम पर दबाव बनाया जाता है। संगठन के कर्मठ अधिकारी जिला सचिव गोरखपुर का स्थानांतरण दक्षिणांचल में किया गया है। इससे संगठन के सदस्यों में आक्रोश है। उन्होंने जल्द से जल्द स्थानांतरण व निलंबन की कार्रवाई को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांग पूरा न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर कार्तिक वर्मा, शंभुनाथ, आलोक कुमार, छेदी, जवाहिर, सुशील, रामकृपाल, आदि मौजूद रहे।