आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से हुई पूजा
महराजगंज। आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती शुक्रवार को धूमधाम से मनाई गई। नगर के छोटे- बड़े सभी कल- कारखानों, लोहे और मशीनरी से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल बना रहा। अपने अपने कारोबार के हिसाब से साज-सज्जा भी की गई। आईटीएम इंजीनियरिंग कॉलेज की कार्यशाला में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजन किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. एसआर पांडेय, कार्यकारिणी निदेशक संतोष कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कहीं पूरे प्रतिष्ठान को भव्यतापूर्वक सजाया गया तो कहीं कागज की झंडियां लहराती दिखीं। भगवान विश्वकर्मा की छोटी-बड़ी प्रतिमाओं की विधानपूर्वक पूजा -अर्चना की गई। पूजन का क्रम सुबह से ही शुरू हो गया। दुनिया के पहले इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर जगह-जगह प्रसाद वितरण भी किया गया। हाईडिल से लेकर जिले के सभी विद्युत उपकेंद्रों में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। शहर में लोक निर्माण विभाग कार्यालय, रोडवेज बस डिपो एवं सोनार कल्याण समिति की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके अलावा जिले के निचलौल, ठूठीबारी, सिसवा, परतावल, पनियरा समेत अन्य स्थानों पर विधि विधान से पूजा हुई।
कारीगरों ने अपने औजारों व यंत्रों की भी पूजा -अर्चना की। रोली-अक्षत लगाकर पूजन किया गया। पूरे दिन औजारों का इस्तेमाल नहीं किया गया। भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि-विधान से करके कामगारों से लेकर प्रतिष्ठान के मालिकों तक ने कारोबार में लाभ और उन्नति की कामना की।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार गजरही जगनरायन फर्नीचर समेत मुडेहरा, बरवाकला, भैसहिया पाठक, रामनगर और दुर्गापुर मे शिल्पी भगवान विश्वकर्मा का विधि-विधान से पूजन किया गया। गजरहा के हरीलाल यादव ने बताया कि इस पर्व के उपलक्ष्य में रात में मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन है। पंडित कृपा नारायन दुबे ने बताया कि सुबह एकादशी और मध्याह्न में द्वादशी तिथि होने के कारण भगवान बामन जन्मोत्सव (बावनी व्रत) श्रद्धालु एक साथ पूर्ण कर पाएंगे।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार निजी टेक्निकल कॉलेज में डायरेक्टर मंतेष कुशवाहा ने पूजन किया। अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के जिलाध्यक्ष डॉ. बलराम शर्मा व इंद्रा शर्मा ने विधि विधान से पूजा अर्चना की। झिनकी देवी आईटीआई कॉलेज फरेंदा मे प्रबंधक डॉ. पीसी यादव व प्राचार्य एके शर्मा ने विधि विधान से पूजा -अर्चना की।