महराजगंज/निचलौल। जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले दलालों का नेटवर्क काफी गहरा है। क्योंकि हर कोई इन जालसाजों के चंगुल में फंसकर ठगी का शिकार हो रहा है।
ऐसे में जमीन खरीदते समय काफी सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि हो सकता है कि आप जो जमीन खरीद रहे हैं उसका मालिक कोई दूसरा हो, या फिर वह भूमि सरकारी हो। ऐसे में भूमि तो मिलने की कोई उम्मीद ही नहीं है। बल्कि रकम भी डूब जा रही है। निचलौल शहर से एक नया मामला सामने आया है। इसमें भी जालसाज ने दूसरे की जमीन दिखा रकम लेकर किनारा कस लिया। फिलहाल इस मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर ली है।
थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के मुताबिक, पीड़ित दिनेश चंद प्रजापति निवासी नगर पंचायत चौक वार्ड नंबर 12 को नगर पंचायत निचलौल के कृष्णा नगर वार्ड निवासी रमणेश कुमार पांडेय ने दूसरे की छह डिस्मिल जमीन दिखाकर 5.18 लाख रुपये लेकर किनारा कस लिया। इतना ही नहीं आरोपी रमणेश कुमार पांडेय का मामला सामने आने पर पीड़ित को जानमाल की धमकी भी देने लगा। पुलिस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में सक्रिय जालसाज लोगों को सस्ते दाम पर जमीन दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। सक्रियता के चलते निबंधन कार्यालय और तहसील में भी इनकी पैठ बनी हुई है। यही कारण है कि जालसाज किसानों से एग्रीमेंट कराकर भूमि की सौदेबाजी करते हैं। ग्राहकों को लुभाते हुए रजिस्ट्री के बाद तत्काल कब्जा और फिर खारिज दाखिल कराने की बात भी कहते हैं।
इतना ही नहीं जमीन बेचने के लिए वह तमाम लोगों का नाम लेकर भरोसा भी दिलाते हैं, लेकिन, कई मामलों में भूमि बैनामा होने से पहले ही ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हो जाती है। पता चलता है कि उसने जिस भूमि को खरीदने के लिए रकम दी है।
उसका मालिक कोई और है या वह प्राॅपर्टी सीलिंग या अन्य कोई सरकारी अमानत है। ऐसे में खरीदार की पूंजी डूब जा रही है। यदि किसी तरह बैनामा भी हो गया तो कब्जे के लिए तमाम प्रकार की दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। पूर्व में इस तरह की ठगी के शिकार तमाम लोग हो भी चुके हैं। संवाद