डीजल-पेट्रोल और गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसियों और पेट्रोल पंप पर लग रहीं लाइनें
पेट्रोल डीजल के कमी की अफवाह के बीच बढ़ गई है बिक्री, लोग जरूरत से अधिक खरीद रहे तेल
महराजगंज। सावधान! कहीं अनजाने में आप अपने घर में ''बारूद'' का ढेर तो एकत्र नहीं कर रहे हैं। अफवाहों के बीच हर व्यक्ति पेट्रोल-डीजल और गैस सिलिंडर एकत्र करने में जुटा है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर गैस सिलिंडर और डीजल-पेट्रोल लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। इस वजह से अफवाहों को और बल मिल रहा है। लेकिन घर में अधिक मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ रखना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक साबित हो सकता है।
करीब तीन सप्ताह से इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। युद्ध के इस आग की तपिश से जनपद के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। कुछ दिन पहले लोग गैस सिलिंडर की लाइन में लग जा रहे थे। अभी गैस सिलिंडर की लाइन थोड़ी छोटी हुई थी कि इसी बीच सोशल मीडिया के माध्यम से डीजल-पेट्रोल की किल्लत की अफवाह फैल गई। इसके बाद लोगों में डीजल-पेट्रोल लेने की होड़ सी मच गई है। लोग पेट्रोल पंपों पर बाइक, कार, ऑटो, कंबाइन मशीन लेकर पहुंच रहे हैं और लाइन में लगकर तेल भरवा रहे हैं। जो लोग पहले 50, 100 और 200 तक सीमित तेल भरवाते थे। वह अफवाहों के बीच बाइक और कार की टंकी फुल कराने लगे हैं।
यह जाने-अनजाने में लोग खतरा मोल ले रहे हैं। यही हाल गैस सिलिंडर का भी है। जिसके घर दो कनेक्शन थे वह आराम से एक सिलिंडर चलाता था। एक खत्म होने के बाद दूसरा भराता था। आज आलम यह है कि हर कोई दो सिलिंडर भरवाकर रखने के लिए आतुर है। एक रेस्टोरेंट पर बातचीत करने पर पता चला कि वह कुछ दिन पहले ही 10 सिलिंडर लेकर रख लिया है।
गर्मी में बढ़ जाती हैं आग की घटनाएं
गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में गांवों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। अफवाहों के बीच कुछ स्थानों पर लोग गैलन और ड्रम में भी डीजल-पेट्रोल लेते हुए दिख रहे हैं। खुदा न खास्ता अगर कोई हादसा हो गया तो स्थिति क्या होगी यह तो समय ही बताएगा।
टंकी फुल कराना खतरे से खाली नहीं
बेलवा खुर्द निवासी ऑटो मैकेनिक शिवा राव ने बातचीत में बताया कि इस समय गर्मी बढ़ रही है। कई लोगों की आदत होती है कि टंकी फुल कराकर घर में रख देते हैं। कई दिनों के बाद कार या बाइक निकालते हैं। टंकी में स्पेस न होने के कारण गैस बनने लगता है इससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जब भी तेल भरवाएं टंकी थोड़ी खाली रखें। इससे खतरा भी कम रहता है।
अफवाह बढ़ने से दो गुना हो गई पेट्रोल की बिक्री
विभाग के आंकड़ों की माने तो कुछ दिन पहले तक पेट्रोल की खपत करीब 1.92 लाख लीटर और डीजल की खपत प्रतिदिन 2.50 लाख तक होती थी। अफवाह के बाद 24 मार्च को डीजल 3.57 लाख लीटर, 25 मार्च को 3.58 लाख लीटर और 26 मार्च को 6.50 लाख लीटर डीजल की खपत हो गई। वहीं पेट्रोल 23 को 1.92 लाख लीटर, 24 को 2.54 लाख लीटर और 26 को 3.76 लाख लीटर तक पहुंच गया।
चार लाख पंजीकृत हैं वाहन
एआरटीओ कार्यालय के मुताबिक, जनपद में चार लाख छोटे-बड़े वाहन पंजीकृत हैं। वहीं कृषि कार्य के लिए 24,707 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। पिछले कुछ दिनों में गाड़ियों की बिक्री में विशेष वृद्धि भी नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि अगर वाहनों की संख्या सीमित है तो खपत अचानक कैसे बढ़ गई? जाहिर से ही बात है कि पेट्रोल-डीजल के कमी की अफवाह के कारण लोग अपने जरूरत के लिए तेल रखना चाहते हैं। इसी वजह से अचानक पंपों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है।
वर्जन
लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले में पर्याप्त मात्रा में डीजल, पेट्रोल है। इसलिए कोई दिक्कत नहीं होने वाली है।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी पेट्रोल-डीजल को स्टोर नहीं करना चाहिए। इससे बड़ा हादसा हो सकता है। डीजल-पेट्रोल से वाष्प निकलता रहता है। अगर किसी ने मोमबत्ती या माचिस की तिल्ली जलाकर फेंक दिया तो इससे आग लग सकती है। कारण कि गैस और डीजल-पेट्रोल जमीन पकड़कर चलती हैं। अगर आपका गलती से फोन भी गिर गया तो यह भी बड़ा हादसे का कारण बन सकता है। क्योंकि मोबाइल से इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन निकलती है। इसलिए लोगों को डीजल-पेट्रोल और गैस स्टोर करके नहीं रखना चाहिए।
-वीरसेन सिंह, फायर सेफ्टी ऑफिसर, अग्निशमन विभाग