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Maharajganj News: सुबह टहलने के दौरान रहें सचेत, सड़क की धूल सेहत के लिए खतरनाक

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शहर की बदहाल सड़क पर उड़ती धूल वायुमंडल में ऊपर तक नहीं जा पा रही, डॉक्टरों के अनुसार बुर्जुग, बीमार सुबह टहलने से परहेज करें
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इन दिनों ओस की बूंदों के कारण हवा में नमी बढ़ गई है। शहर की बदहाल सड़क पर उड़ती धूल वायुमंडल में ऊपर तक नहीं जा पा रही है। इसके चलते करीब 300 मीटर की ऊंचाई पर धूल एक परत सी जमी है। देखने में तो यह धुंध और कोहरे जैसा है, लेकिन यह वास्तव में धूल के कण हैं। सांस, हृदय व त्वचा संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों के अनुसार बुर्जुग, बीमार सुबह टहलने से परहेज करें। धूल से बीमार बढ़ने की संभावना है।
शहर में भाजपा कार्यालय की ओर से जाने वाली सड़क गड्ढायुक्त है। उखड़ी हुई गिट्टियों के कारण धूल उड़ती है। इस रोड से होकर पोखरे की ओर से टहलने के लिए जाने वाले लोग सचेत रहे। क्योंकि धूल से बीमारी बढ़ा सकती है। धूल हवा की गुणवत्ता बिगड़ रही है। महराजगंज का एक्यूआई 204 हो गया है। इसी तरह से अन्य स्थानों पर खराब सड़कों पर उड़ने वाली धूल सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
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धूल के बारीक कण आपस में चिपक जाते हैं। इससे उनका प्रसार नहीं हो पाता है। इस वजह से वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। ऐसे में टहलने जाने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी। सर्दी का मौसम आ रहा है। हवा में धूल के बारीक कणों की तादाद बढ़ती जा रही है। हवा में धीरे-धीरे धुंध और कोहरे का असर बढ़ेगा। इस मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है।
- डाॅ. दिवाकर सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, भूगोल
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सूर्योदय के बाद घर से बाहर निकलें। वातावरण सामान्य होने पर दिक्कत कम होती है। सर्दियों में कम शारीरिक श्रम के चलते नसें भी शिथिल हो जाती हैं। ऐसे में अचानक सर्दी या गर्मी के चलते उनमें रक्त प्रवाह तेज होता है, जिस वजह से ब्लड प्रेशर, हर्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। इस समय धूल भी ज्यादा है। बेहतर है कि बीमार लोग इस समय सुबह को टहलने से बचे।
- डाॅ. एसएम रफीक, क्रिटकल केयर, विशेषज्ञ
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धूल के कण से किसी सामान्य इंसान को भी खांसी और एलर्जी हो सकती है। इसलिए, ऐसे मौसम में नाक व मुंह को ढककर घर से बाहर निकलना सबसे बेहतर विकल्प है। निर्माण कार्यों के अलावा घरों की सफाई व रंगाई-पुताई के दौरान तमाम हानिकारक कण हवा में उड़ रहे हैं, जिससे अस्थमा के रोगियों को दिक्कत आती है। धूल वाले स्थान पर जाने से परहेज करें। दमा, अस्थमा के मरीजों को धूल व धुएं से दूर रहने, स्वच्छता अपनाने तथा अपनी नियमित दवा लें।
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-डॉ. एएम भाष्कर, छाती रोग विशेषज्ञ।

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आंखों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। धूल के कण आंख में जाकर एलर्जी पैदा कर सकते हैं, जिससे कांजेक्टिवाइटिस का खतरा रहता है। बाइक चलाते समय चश्मा या हेलमेट का ग्लास गिराकर रखें। अगर पैदल भी जा रहे हैं तो धूल व धुएं से आंखों को जरूर बताएं। हानिकारक तत्वों से आंखों को बचाकर रखने की आवश्यकता है।
- डॉ. बीएन वर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सृजन आई हास्पिटल
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