महराजगंज। दीवानी न्यायालय, महराजगंज के प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असगर अली-प्रथम ने झोलाछाप के इलाज से मौत के मामले की सुनाई की। उन्होंने आरोपी झोलाछाप अभिनव सिंह यादव निवासी सिरसिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
वादी मुकदमा सोनू कुमार निवासी ग्राम पुरैना थाना श्यामदेउरवा ने इस आशय की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी मां कुसुम देवी के पेट में दर्द होने पर 30 अगस्त 2022 को रिसिका हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर, सियरहीभार रोड हरपुर, जिला महराजगंज में भर्ती कराया था। उपरोक्त अस्पताल में अभिनव सिंह यादव ने उनकी बच्चेदानी की गांठ का ऑपरेशन सर्जन डॉक्टर से कराने के लिए उसे बताया था, लेकिन सर्जन डॉक्टर को न बुलाकर खुद ही एक सितंबर 2022 को उसकी मां की बच्चेदानी की गांठ का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी मां कुसुम देवी की उसी दिन लगभग 12 बजे मौत हो गई। इस पर उसके नाना दुखरन ने थाने पर सूचना देकर शव का पोस्टमाॅर्टम कराया। बाद में थाना श्यामदेउरवा पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध केस पंजीकृत किया। अभियुक्त अभिनव सिंह यादव को स्थानीय थाना पुलिस ने गिरफ्तार करके न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जिस पर न्यायालय ने अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अभियुक्त के डॉक्टर न होते हुए भी वादी मुकदमा की माता की बच्चेदानी में गांठ का ऑपरेशन कर मृत्यु कारित किए जाने का आक्षेप को अजमानतीय एवं गंभीर पाते हुए प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असगर अली-प्रथम ने अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी।