फरेंदा। देवरिया जिले के बैतालपुर से पेट्रोल लेकर आजमगढ़ की तरफ जा रही टैंकर सोमवार की रात में बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में फरेंदा क्षेत्र के दो युवक जिंदा जल गए। घटना की जानकारी उनके घर मिली तो गांव में चीख-पुकार मच गई। क्षेत्र के दो गांवों में दो युवकों की मौत से दोनों के घरों में मातम पसर गया। परिजनों के चीख पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
जानकारी के अनुसार, फरेंदा क्षेत्र के गढ़वा निवासी टैंकर चालक रामू यादव की अभी शादी नहीं हुई थी। उसके शादी को लेकर परिजन बातचीत कर रहे थे। दो भाईयों में रामू छोटा था। बड़ा भाई रमेश दो वर्ष से लापता है। रामू ही परिवार का एक मात्र सहारा था। वह घर से दो वर्ष पहले गोरखपुर टैंकर चालक की नौकरी के सिलसिले में गया था। उसको ड्राइवर के पेशे में आनंद आता था। सोमवार की रात उसकी दुखद घटना में मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। उसकी मौत से परिवार का एकमात्र सहारा छिन गया।
वहीं क्षेत्र के चौतरवां निवासी पतिराज प्रसाद पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था। पांच वर्ष पूर्व पुरानी कंबाइन लेकर चलाता था। लेकिन बार बार खराब होने से आजिज आकर वह उसे बेच दिया और खलासी का काम करने लगा। उसकी शादी करीब 15 साल पूर्व हुई थी। लेकिन पत्नी कहीं चली गई। उसके बाद उसने शादी नहीं किया। वह भी रामू के साथ रहकर काम करता था। उसके मौत की खबर परिजनों को मिली तो चीख-पुकार मच गई। घर पर माता है लेकिन पिता नहीं। बेटे की मौत की खबर मां को मिली तो वह दहाड़ें मार कर रो-रो कर बेसुध हो रही थी।