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Maharajganj News: मरीज को बरगला रहे दलाल को तीमारदारों ने पकड़कर पीटा, वीडियो वायरल

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मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, सीएमएस ने अराजक तत्वों के खिलाफ थाने में की शिकायत
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दलाल मरीज को 300 रुपये में इलाज कराने का दे रहा था झांसा, शक होने पर तीमारदारों ने पकड़कर की पूछताछ
महराजगंज। जिला अस्पताल में सक्रिय दलाल केवल कमीशन पर काम नहीं करते बल्कि निजी अस्पताल इन्हें बकायदा वेतन देते हैं। बदले में यह सरकारी अस्पतालों पहुंचे मरीजों को बरगला कर उन्हें सौंप देते हैं। इसके बाद सस्ते में इलाज के लिए पहुंचे मरीज से हजारों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। यह बातें बुधवार की रात एक दलाल खुद स्वीकार कीं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में बुधवार की रात पहुंचे एक मरीज को दलाल बरगलाकर निजी अस्पताल ले जा रहा था। शक होने पर परिजनों ने उसे पीट दिया और उससे पूछताछ कर एक वीडियो बना लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मामले के संबंध में सीएमएस ने पुलिस से शिकायत कर परिसर में आने वाले अराजक तत्वों पर कार्रवाई की मांग की है।
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जिला अस्पताल में दलालों के घूमने की अक्सर शिकायत मिलती रहती हैं। सूत्रों के अनुसार, दलाल रात में ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। बुधवार की देर रात भिटौली से सिर में चोट लगने से घायल एक मरीज आया था। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीज को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसी बीच एक दलाल वहां पहुंच गया और मरीज को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने का झांसा देने लगा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मरीज के कुछ परिजनों ने उसे पकड़ लिया और उसे एक-दो थप्पड़ भी मारे। इसके बाद कुर्सी पर बैठाकर उससे पूछताछ करने लगे। तीमारदार दलाल के मालिक को बुलाने की भी बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में दलाल मरीज को बरगलाने की बात स्वीकार कर रहा है। उसने बताया कि वह मरीज को 300 रुपये में इलाज कराने का झांसा दे रहा था। पांच हजार रुपये वेतन और साथ में कमीशन पर यह काम करने की बात कह रहा है।
मोटी रकम वसूलते हैं दलाल
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में बेड दिलाने, जल्दी पर्ची कटवाने और सस्ती दवाइयां बाहर से दिलाने के नाम पर सक्रिय दलाल मरीजों से मोटी रकम वसूलते हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को ये दलाल अपनी जाल में फंसा लेते हैं। बुधवार की रात वायरल हो रहे वीडियो ने अस्पताल सुरक्षा के दावे का पोल खोलकर रख दिया है। जिला अस्पताल परिसर में दलाल के पकड़े जाने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। कार्रवाई होने पर दलाल कुछ दिन तक शांत रहते हैं उसके बाद फिर सक्रिय हो जाते हैं।
केस एक
30 जून 2025 को जिला अस्पताल में एडीएम डॉ. प्रशांत कुमार टीम के साथ मरीज बनकर इलाज कराने पहुंचे। वह सभी से घुल मिलकर बातें कर रहे थे। कुछ दलाल मरीजों को झांसा देकर निजी अस्पताल में ले जाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। तसल्ली के बाद एडीएम ने चिह्नित कर दलालों को दबोचा और पुलिस को सौंप दिया। इसक बाद दो वार्ड बॉय, तीन दलालों को चालान कर दिया गया।
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केस एक
13 जून 2025 को भी एक मामला पकड़ा गया था। जिला अस्पताल में मरीजों को बरगलाकर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए बहला रहे दो दलालों को तत्कालीन डीएम संतोष कुमार शर्मा ने दबोच लिया था। दलाल मरीजों को सस्ते में बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल में ले जाते थे।
वर्जन
बुधवार की रात में ट्रामा सेंटर के बाहर एक मरीज के परिजनों ने दलाल होने का आरोप लगाकर एक युवक को पकड़ा था। मामले की कोतवाली में शिकायत की गई है।
-एके द्विवेदी, सीएमएस
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