जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुद्धा हाल में हुई। प्रत्येक ब्लॉक से पांच निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लापरवाही पर पांच एएनएम के वेतन बाधित करने का सीएमओ को निर्देश दिया गया। उक्त कार्रवाई सीडीओ मारकण्डेय शाही ने की है।
सीडीओ ने कहा कि निष्क्रिय एएनएम व आशाओं की रिपोर्ट दो दिन के अंदर ई-मेल पर भेजें। सीएमओे कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया की धानी से ऐसी सूची प्राप्त हो गई है। सीडीओ ने जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी को भुगतान तथा आशा के मानदेय भुगतान पर असंतोष व्यक्त किया।
निर्देश दिया कि लाभार्थी को सबसे कम भुगतान करने वाले एमवाईसी जिला अस्पताल, पनियरा, बहदुरी, रतनपुर, को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। आशा मानदेय के भुगतान मामले में रतनपुर, बहदुरी व घुघली को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला समन्वयक एसपी सिंह ने बताया की लाभार्थियों का भुगतान अब उनके पति के खाते में करने का आदेश आ गया है।
मातृत्व सप्ताह के तहत जिले में मात्र 72 गर्भवती महिलाएं मिलीं। जिनका हीमोग्लोबिन सात प्रतिशत से कम है। सीडीओ ने कहा कि इस संख्या का पुन: सत्यापन करा लें। जिले के 152 ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़ी है। खातों में लगभग 98 लाख रुपये हैं लेकिन उपयोग नहीं हो रहा है।
बाल स्वास्थ्य गारंटी कार्यक्रम में प्रत्येक ब्लॉक में दो टीमें आंगनबाड़ी केन्द्र तथा स्कूल में जाकर बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं। जिसमें कुल 249970 बच्चों की जांच हुई है। जिसमें 417 बीमार मिले और 172 रेफर किए गए। एसीएमओ राजेन्द्र प्रसाद, आईए अंसारी, डीपीएम नीरज सिंह, डॉक्टर केपी सिंह, डॉक्टर आरके सिंह, डॉक्टर राकेश कुमार, बीपीएम सूर्य प्रताप सिंह, धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।