महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल क्षेत्र के एक आशा कार्यकर्ता को प्रसूता को निजी अस्पताल पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उससे तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को सुबह रामपुर चकिया निवासी इसरावती देवी अपनी बेटी रबिना को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल ले गईं। साथ गई आशा कार्यकर्ता प्रसव पीड़िता को अस्पताल के अंदर लेकर गई। अभी अस्पताल का कोई कर्मी प्रसव पीड़िता को देखे उसके पहले ही आशा ने हालत नाजुक बताते हुए सीजर कराने के लिए गोरखपुर ले जाने के लिए ऑटो बुला लिया।
कुछ लोगों ने आशा की इस करतूत पर नजर रखा। आशा ने कुछ ही देर बाद प्रसव पीड़िता को ऑटो से गोरखपुर जिले के भटहट स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। लोगों ने इसकी जानकारी अधीक्षक परतावल को दी। सूचना मिलते ही अधीक्षक ने आशा को प्रसव पीड़िता को अस्पताल लाने को कहा।
दोपहर बाद आशा बहु मरीज को लेकर परतावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। जहां मौजूद महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी सिंह और स्टाफ नर्स रानी चौधरी ने नार्मल प्रसव कराया। महिला की मां इसरावती देवी निशुल्क बेटी के प्रसव होने से खुश नजर आईं। उन्होंने बताया कि हम लोग काफी गरीब परिवार से हैं। बेटी का पहला बच्चा था, इसलिए हम लोग कोई जोखिम उठाना नहीं चाहते थे इसलिए आशा कार्यकर्ता के बहकावे में आ गए।
आशा कार्यकर्ता रीना चौरसिया को निलंबित कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ राजेश द्विवेदी, सीएचसी अधीक्षक