महराजगंज। जिले में ठंडी हवाओं और लगातार गिरते तापमान का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। ठंड बढ़ते ही सिरदर्द, माइग्रेन (अधकपारी) और चक्कर आने की शिकायतों में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार, शीतलहर और कड़ाके की ठंड के दौरान माइग्रेन के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। जिला संयुक्त चिकित्सालय के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज माइग्रेन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सीएचसी में औसतन 50 और पीएचसी में करीब 30 मरीज दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक बताई जा रही है।
जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज जायसवाल ने बताया कि ठंड के मौसम में माइग्रेन की समस्या उभरना आम बात है। ठंडी हवा सिर और गर्दन की नसों पर असर डालती है, जिससे सिरदर्द और माइग्रेन का दर्द बढ़ जाता है। समय से उपचार न मिलने पर दर्द इतना बढ़ सकता है कि मरीज बेहोशी की हालत तक में पहुंच सकता है।
माइग्रेन के कई कारण हो सकते हैं। इनमें तेज ठंड या गर्मी, मानसिक तनाव, चिंता, तेज आवाज, नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या प्रमुख हैं। सर्दी के मौसम में ये कारण और अधिक प्रभावी हो जाते हैं। संवाद