सेमरा राजा में मां बेटी का शव पहुंचते ही लगी ग्रामीणों की भीड़।
नेपाल में तीर्थ या त्रियों की जीप पलटने से निर्मला और काव्या की हो गई थी मौत
भिटौली। बृहस्पतिवार को नेपाल के प्यूठान जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाली मां-बेटी के शव शनिवार को नेपाल से भारत लाए गए। प्रशासन की निगरानी में शवों को लाया गया। शव पहुंचते ही परिजन चीख-पुकार करने लगे। पीड़ित के घर पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
भिटौली थाना क्षेत्र के सेमरा राजा से 21 श्रद्धालुओं का एक जत्था नेपाल के स्वर्गद्वारा का दर्शन करने के लिए 22 अप्रैल को निकला था। 23 अप्रैल को दिन में करीब आठ बजे श्रद्धालुओं से भरी जीप नेपाल के प्यूठान जिले में रास्ते में एक ढलान पर अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई। दुर्घटना में काव्या की मौके पर ही और उसकी मां निर्मला का इलाज के दौरान मौत हो गई। निर्मला का पति करणनाथ मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में जिंदगी के लिए जूझ रहा है। करणनाथ को भी गंभीर चोटें आई हैं। मां-बेटी शव का पोस्टमार्टम नेपाल के ही अलग-अलग अस्पतालों में शुक्रवार को किया गया।
दोनों का शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। वहीं ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। अंतिम दर्शन पाने के लिए ग्रामीणों की मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। महिलाओं में भी निर्मला एवं उसकी बेटी के खोने का गम देखा गया। हर किसी के आंखों में आंसू था। निर्मला एवं उसकी बेटी का अंतिम संस्कार हरपुर महंथ मौन नाले पर भतीजे अंश मौर्य ने किया।
मां-बेटी दोनों की एक साथ चिताएं जलती देख वहां लोग भावुक हो गए। मृतका की जेठानी आरती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वह रह रहकर बेहोश हो जा रही थी। पानी का छीटा एवं हाथ पंखा से हवा कर किसी तरह उसे होश में लाया गया। मौके पर मौजूद सभी ग्रामीणों में मां बेटी के खोने का गम एवं परिजनों के प्रति गहरी संवेदना देखी गई।