ज्वाला प्रसाद ओझा इंटर कॉलेज पोखरभिंडा में आत्मरक्षा शिविर आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बिना अस्त्र-शस्त्र के भी छात्राएं अपना बचाव कर सकती हैं। बस जरूरत है स्वयं को मजबूत करने की। ताइक्वांडो के हुनर सीखकर और निरंतर इसका अभ्यास कर छात्राएं इसमें महारत हासिल कर सकती हैं।
यह कहना है ताइक्वांडो विशेषज्ञ रिजवान अहमद फैजी का। बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित ज्वाला प्रसाद ओझा इंटरमीडिएट कॉलेज पोखरभिंडा, घुघली में आत्मरक्षा शिविर उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। छात्राओं ने भी ताइक्वांडो विशेषज्ञ के साथ अभ्यास कर बारीकियों की जानकारी ली। विशेषज्ञ ने बताया कि ताइक्वांडो सीखने से छात्राओं के भीतर का डर निकल जाता है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हम अपने पास उपलब्ध दुपट्टा, पेन, पिन, मोबाइल फोन, चाबी जैसी चीजों से अपनी आत्मरक्षा करते हुए सामने वाले को कड़ा सबक सिखा सकते हैं। इस दौरान ताइक्वांडो टीम के सदस्य ऋतुराज सिंह, रंजेश कुमार गुप्त, अंकुश मद्धेशिया, मनीष विश्वकर्मा, अनुष्का जायसवाल ने भी बचाव के तरीके बताए। प्रधानाचार्य पंकज गिरी ने बताया कि कार्यक्रम में 96 छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान रिशु त्रिपाठी, राजेन्द्र सिंह, सुमित पांडेय, दिलीप यादव, मोहन सिंह, रामस्नेही, दीनानाथ सिंह, सुमन सिंह, कृति, श्वेता सिंह, उदयभान विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
जानकारी से बढ़ा आत्मबल
कक्षा 12 वीं की छात्रा शीलता प्रजापति ने कहा कि आत्मरक्षा के ज्ञान से मन का डर निकल गया। ताइक्वांडो के विशेषज्ञ ने आत्मरक्षा के लिए विविध तरीके बताएं। इसका नियमित अभ्यास करूंगी। कक्षा नौ की छात्रा शकीला खातून ने कहा कि पिन व पेन से अपना बचाव कैसे किया जाए, इसके बारे में बेहतर ढंग से जानकारी मिली। जानकारी से आत्मबल बढ़ा है। 11वीं की छात्रा सुनैना सिंह ने कहा कि अब रास्ते में आने पर डर नहीं लगेगा। 10 वीं की छात्रा रानी सिंह ने कहा कि समय-समय पर ऐसे आयोजन होने चाहिए।