स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता जरूरी
आईटीएम आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज चेहरी में हुई स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में बोले, डॉ. केपी सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता और सुव्यवस्थित दिनचर्या जरूरी है। खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। महिलाएं समाज की अहम कड़ी हैं। ऐेसे में महिलाओं का स्वस्थ और सशक्त होना बेहद जरूरी है।
यह कहना है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर के अधीक्षक डॉ. केपी सिंह का। वे सोमवार को आईटीएम आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज चेहरी के सभागार में अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
छात्राओं को संबोधित करने के साथ ही उनके सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि कमजोरी की शिकायत रहने का प्रमुख कारण शरीर में आयरन की कमी होना है। खाने में हरी सब्जी और खाने के बाद गुड़ का इस्तेमाल करना चाहिए।
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि व्यस्त दिनचर्या में खानपान का विशेष ध्यान रखें। सेहत का ध्यान न रखने से अधिकतर महिलाओं में खून की कमी पायी जाती है। बीपीएम ने समुचित मात्रा में पानी पीते रहने की भी नसीहत दी।
एएनएम प्रतिभा राज ने कहा कि सेहत खराब रहेगी तो पढ़ाई में भी मन नहीं लगेगा। ऐसे में सुबह के समय वक्त निकालकर थोड़ी जरूर टहलें। खानपान में सावधानी, दिनचर्या, व्यायाम आदि के बारे में भी उन्हाेंने जानकारी दी। डॉ. मनीष ने भी छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। कॉलेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. देव चंद्र कुशवाहा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी नई-नई जानकारी मिलती है। अमर उजाला की ओर से किया जा रहा प्रयास सराहनीय है। कार्यक्रम में कुल 110 लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान डीके सिंह, विनोद श्रीवास्तव, अवनीश मिश्रा, आरबी सिंह, शिव कुमार पटेल, सरोज, संजय, पुष्पांजलि, अमित श्रीवास्तव, अमृता राज, मोनिका जायसवाल, प्रगति सिंह आदि मौजूद रहे।
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मिली जानकारी भविष्य में काम आएगी
छात्रा प्रिया मंडल ने कहा कि चिकित्सकों से मिली जानकारी भविष्य में काम आएगी। स्वस्थ रहने के लिए बताए गए नियमों का पालन करूंगी। अंजू विश्वकर्मा ने कहा कि खून की कमी से होने वाली समस्याओं के बारे में जानने को मिला। अब भविष्य में सेहत को लेकर सचेत रहूंगी। रोशनी राय ने कहा कि सवाल पूछने का मौका मिला। इससे मन की झिझक दूर हुई। कुसुम ने कहा कि बेटियों के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।