महराजगंज। गर्भवतियों और बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) की अब समय से पहचान हो सकेगी। अब स्मार्ट एप से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा का अनुमान लगाया जा सकेगा। यह एप खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के लिए कारगर साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 67.1 प्रतिशत बच्चे और महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। इस समस्या से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है, जो फोटो-प्लेथिस्मोग्राफी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई आधारित है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस एप का उपयोग करना आसान है। उपयोगकर्ता को अपने फिंगरटिप की 10 सेकेंड की वीडियो इस एप में अपलोड करनी होगी। इसके बाद एप पल भर में शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा का अनुमान लगा लेगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए न तो ब्लड सैंपल की जरूरत होगी और न ही किसी लैब में जाने की। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि खर्च भी कम होगा।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला का कहना है कि स्मार्ट एप के जरिए एनीमिया की त्वरित और सटीक पहचान हो सकेगी। इसके परिणाम स्वरूप मरीजों को समय पर आयरन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व दिए जा सकेंगे। संवाद